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एक घर, एक पेड़ और खत्म हो गया द्वीप! दुनिया के इस सबसे छोटे टापू की हकीकत कर देगी हैरान

भले ही इस द्वीप पर पर्यटकों के उतरने की अनुमति न हो, लेकिन इसकी अनोखी बनावट को देखने के लिए हर साल हजारों सैलानी सेंट लॉरेंस नदी पहुंचते हैं. अमेरिका या कनाडा और रॉकपॉर्ट शहरों से चलने वाले बोट टूर, क्रूज पर्यटकों को इस द्वीप के बेहद करीब से लेकर गुजरते हैं.

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भीड़भाड़ से दूर एकांत में वक्त बिताने की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन क्या आप एक ऐसे द्वीप की कल्पना कर सकते हैं जहां पैर रखते ही जमीन खत्म हो जाए? अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क और कनाडा के ओंटारियो के बीच बहने वाली सेंट लॉरेंस नदी में एक ऐसा ही अनूठा द्वीप मौजूद है. इस छोटे से टापू को ‘जस्ट रूम इनफ आइलैंड’ (Just Room Enough Island) के नाम से जाना जाता है. महज 310 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला यह टापू आकार के मामले में दुनिया का सबसे छोटा आबाद द्वीप है. इस नन्हे द्वीप की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां सिर्फ एक मकान और एक पेड़ के लिए ही जगह बची है.

साइजलैंड परिवार का ‘सीक्रेट वेकेशन होम’


एक टेनिस कोर्ट के आकार वाले इस द्वीप का इतिहास काफी दिलचस्प है. साल 1950 के दशक में ‘साइजलैंड’ (Sizeland) परिवार ने शांति और एकांत में छुट्टियां बिताने के लिए इस जगह को खरीदा था. उस समय इसका नाम ‘हब आइलैंड’ (Hub Island) हुआ करता था. द्वीप को खरीदने के बाद इस परिवार ने वहां रहने के लिए एक छोटा सा घर बनाया और खाली बची जमीन पर एक पेड़ लगा दिया. घर और पेड़ लगाने के बाद द्वीप पर इतनी भी जगह नहीं बची कि वहां एक छोटा सा बगीचा बनाया जा सके. इसी खासियत के कारण साइजलैंड परिवार ने इसका नाम बदलकर ‘जस्ट रूम इनफ आइलैंड’ रख दिया, जिसका मतलब है ‘बस भर की जगह’.

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बोट टूर और क्रूज से दीदार करते हैं पर्यटक


भले ही इस द्वीप पर पर्यटकों के उतरने की अनुमति न हो, लेकिन इसकी अनोखी बनावट को देखने के लिए हर साल हजारों सैलानी सेंट लॉरेंस नदी पहुंचते हैं. अमेरिका या कनाडा और रॉकपॉर्ट शहरों से चलने वाले बोट टूर, क्रूज पर्यटकों को इस द्वीप के बेहद करीब से लेकर गुजरते हैं. पानी के बीचों-बीच बने इस अकेले घर और उसके पास खड़े इकलौते पेड़ की तस्वीरें लेना पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव होता है. इस द्वीप की यात्रा के लिए गर्मियों और ठंड का समय सबसे बढ़िया माना जाता है, क्योंकि सर्दियों में नदी का पानी बर्फ बन जाता है.

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गिनीज बुक में दर्ज है नाम


इस द्वीप के नाम एक वैश्विक रिकॉर्ड भी दर्ज है. साल 1992 से पहले तक इंग्लैंड के पास स्थित ‘बिशप रॉक’ को दुनिया का सबसे छोटा आबाद द्वीप माना जाता था. लेकिन जब आधिकारिक तौर पर मापन किया गया, तो ‘जस्ट रूम इनफ आइलैंड’ का आकार बिशप रॉक से भी आधा निकला. इसके बाद साल 1992 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे आधिकारिक रूप से दुनिया के सबसे छोटे बसे हुए द्वीप का खिताब दे दिया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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