TMC Dispute: तृणमूल कांग्रेस में गहराए विवाद के बीच पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर लड़ाई अब चुनाव आयोग से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. चुनाव आयोग ने फिलहाल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न को दोनों गुटों के इस्तेमाल के लिए फ्रीज कर दिया है.
फिलहाल दोनों को अलग नाम और निशान
6 अक्टूबर 2026 को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग पहचान दी है. ममता बनर्जी की लीडरशिप वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है. ये इंतजाम फिलहाल आगामी उपचुनावों के दौरान लागू हैं, जबकि मूल पार्टी की पहचान पर अंतिम विवाद अभी बाकी है.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
ममता बनर्जी के गुट ने चुनाव आयोग के मूल नाम और चिह्न को फ्रीज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. याचिका में आयोग के फैसले के अलावा बागी विधायकों से जुड़े अयोग्यता मामलों में पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कथित देरी का मुद्दा भी उठाया गया है.
चुनाव आयोग कैसे तय करता है ‘असली’ पार्टी?
इस तरह के विवाद में Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के पैराग्राफ 15 अहम हो जाते है. इसके तहत किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल में विभाजन होने पर चुनाव आयोग इससे जुड़े गुटों के दावों की जांच कर सकता है. आयोग सिर्फ सांसदों या विधायकों की संख्या पर निर्भर नहीं करता. संगठन के भीतर समर्थन, पार्टी की संरचना, अधिकृत पदाधिकारी, संगठनात्मक रिकॉर्ड और पार्टी के संविधान से जुड़े दस्तावेज भी रिलेवेंट हो सकते हैं.
बहुमत के साथ संगठन से जुड़े दावे की भी होगी जांच
दोनों पक्षों को ये बताना होगा कि पार्टी के निर्वाचित रिप्रेजेंटेटिव और ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर में उनके पास कितना समर्थन है. इसके साथ ये भी देखा जा सकता है कि दोनों गुट का दावा पार्टी के संविधान और अवेलेबल संगठनात्मक रिकॉर्ड से कितना मेल खाता है. यानी सिर्फ विधानसभा या लोकसभा में ज्यादा सदस्यों का समर्थन होना ही अंतिम आधार नहीं माना जाएगा. पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और उसके वैलिड रिकॉर्ड की स्थिति भी विवाद के निपटारे में अहम होगी.
पार्टी संविधान क्यों बना अहम मुद्दा?
टीएमसी विवाद में पार्टी के संविधान और संगठनात्मक चुनावों से जुड़े रिकॉर्ड भी अहम हो गए हैं. दोनों पक्ष संगठन के वैध ढांचे और पदाधिकारियों को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं. चुनाव आयोग पहले ही दोनों गुटों से संगठनात्मक कंट्रोल, ऑथराइज्ड सिग्नेचर करने वालों, पार्टी की संपत्तियों, नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े दस्तावेज मांगे जाने की प्रक्रिया से गुजर चुका है.
अब आगे क्या?
फिलहाल दोनों गुट आगामी उपचुनाव अलग-अलग नाम और चिह्न के साथ लड़ेंगे. मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न का इस्तेमाल दोनों पक्ष नहीं कर सकते. अंतिम तौर पर पार्टी की मूल पहचान किस गुट को मिलेगी, ये चुनाव आयोग के समक्ष चल रही डिटेल्ड प्रॉसेस और दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए संगठनात्मक तथा विधायी दावों के इवैल्यूएशन पर निर्भर करेगा. इस बीच ममता गुट की सुप्रीम कोर्ट याचिका मामले में एक अलग न्यायिक चुनौती भी खोलती है.
राजनीतिक दलों में विभाजन के बाद नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद नया नहीं है. इलेक्शन सिंबल किसी पार्टी की चुनावी पहचान का अहम हिस्सा होता है, इसलिए ऐसे मामलों में चुनाव आयोग ये तय करने की प्रक्रिया अपनाता है कि अवेलेबल रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर किस गुट का दावा स्वीकार किया जा सकता है. टीएमसी मामले में भी यही प्रॉसेस अब बड़ा मुद्दा बन गई है.
संबंधित खबरें
बंगाल: कांग्रेस-ममता को झटका, उपचुनाव में नंदीग्राम-रेजीनगर सीट BJP के नाम
21 hrs agoTMC के 10 बागी सांसद कहां हुए गायब? ओम बिरला के नोटिस का नहीं दिया जवाब
1 day agoउपचुनाव: नंदीग्राम सीट पर हसी रानी की जीत, सीएम सुवेंदु ने दी बधाई
1 day agoयूपी-बिहार से लेकर केरल तक बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में आंधी की चेतावनी
1 day agoरोहित नोनिया के नाम से वायरल 'इनामी' पोस्टर ने मचाई हलचल
2 days agoबंगाल सरकार में मिथुन चक्रवर्ती को बड़ी जिम्मेदारी, मिला कैबिनेट रैंक
2 days agoक्या राजनीति को अलविदा कहने वाले हैं हुमायूं कबीर? आखिर क्यों छलके आंसू
2 days agoउपचुनाव 2026: 4 राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग खत्म, जानें कहां-कितना मतदान?
3 days agoहुमायूं कबीर पर एक्शन, उपचुनाव के बीच गिरफ्तार हुए AJUP विधायक
4 days agoममता बनर्जी के मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर उनके वकील ने नोटिस भेजकर उठाए सवाल
4 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines