पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे सीवी आनंद बोस ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) ने पुष्टि की कि आनंद बोस ने राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र भेज दिया है. हालांकि अभी तक उनके इस्तीफे की वजह सामने नहीं आई है. करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद यह अचानक कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. आनंद बोस ने मीडिया से कहा कि उन्होंने राज्यपाल कार्यालय में पर्याप्त समय बिता लिया है.
CM ममता बनर्जी ने जताई हैरानी
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई है. सीएम ममता बनर्जी ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो स्तब्ध और गहरी चिंता में हैं. उन्होंने एक पोस्ट में कहा, 'सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की सूचना से मैं हैरान हूं. अभी इसके पीछे के कारणों की मुझे जानकारी नहीं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आश्चर्य नहीं होगा यदि केंद्रीय गृह मंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कुछ राजनीतिक हित साधने के लिए उन पर दबाव डाला हो.'
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RN रवि होंगे नए राज्यपाल?
ममता ने आगे आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें आरएन रवि को नया राज्यपाल नियुक्त करने की सूचना दी, लेकिन इसके लिए कोई परामर्श नहीं किया गया, जो परंपरा के खिलाफ है. ममता बनर्जी ने इसे संविधान की भावना के विरुद्ध बताया. उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां सहकारी संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करती हैं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं. केंद्र को एकतरफा फैसले लेने से बचना चाहिए. आनंद बोस का ममता सरकार से लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, खासकर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति और विधेयकों पर. राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति से जोड़ रहे हैं.