TMC Symbol Freeze: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने एक बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी व डॉ. सुखबीर सिंह संधू की पीठ ने आदेश पारित करते हुए पार्टी के दोनों धड़ों पर मूल नाम और आधिकारिक चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है. आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट और अरूप रॉय के नेतृत्व वाला गुट, दोनों में से किसी को भी केवल 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी.

साथ ही पार्टी के लिए आरक्षित चुनाव चिन्ह 'फूल और घास' पर भी रोक लगा दी गई है. आयोग ने यह फैसला सिंबल ऑर्डर के पैरा 15 के तहत लंबित विवाद के अंतिम निपटारे तक और मौजूदा उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि दोनों पक्षों को समान अवसर मिल सके.

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नए नाम और फ्री सिंबल से लड़ना होगा चुनाव

आदेश के अनुसार, दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग-अलग नामों से पहचाना जाएगा. यदि वे चाहें, तो अपने नए नाम में मूल पार्टी 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' का संदर्भ जोड़ सकते हैं. इसके अलावा, दोनों गुटों को चुनाव आयोग की फ्री सिंबल सूची में से अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.

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18 सितंबर सुबह 11 बजे तक मांगे विकल्प

आयोग ने दोनों पक्षों को सख्त निर्देश दिया है कि वे 18 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे तक अपनी प्राथमिकता के आधार पर तीन-तीन नाम और तीन-तीन स्वतंत्र चुनाव चिन्हों के विकल्प आयोग के समक्ष पेश करें. निर्वाचन आयोग इन विकल्पों में से किसी एक नाम और चुनाव चिन्ह को दोनों गुटों के लिए मंजूरी प्रदान करेगा. आयोग के इस कड़े कदम के बाद दोनों ही खेमों में अपनी-अपनी रणनीति और नए विकल्पों को लेकर हलचल तेज हो गई है.

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