पश्चिम बंगाल के आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने News 24 के साथ बातचीत की है। उन्होंने TMC में चल रही बगावत, ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य, कांग्रेस में TMC के विलय और अपने रुख को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दिया। वे TMC और ममता बनर्जी के साथ हैं या BJP-NDA के साथ? इस सवाल का जवाब उन्होंने खुलकर और शानदार तरीके से दिया। उन्होंने काफी बेबाकी से ममता बनर्जी का समर्थन किया। साथ ही बगावत करने वालों पर नाम लिए बिना निशाना साधा।
यहां सुनें शत्रुघ्न सिन्हा का इंटरव्यू और उनके द्वारा दिए गए सवालों के जवाब...
ममता बनर्जी का हर हाल में साथ देने का ऐलान
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता जी के साथ था, हूं और आगे भी रहूंगा। ममता बनर्जी ने मेरा मुश्किल समय में मेरा साथ दिया था तो अब मैं मुश्किल समय में उनका साथ कैसे छोड़ दूं? मैं TMC के बागी ग्रुप में नहीं हूं, न था और न ही जाऊंगा। फिलहाल में कहीं किसी पार्टी में नहीं जा रहा हूं। मुझे अच्छा नहीं लगा कि ममता बनर्जी को इस तरह लोग छोड़कर जा रहे हैं। जब 2009 का चुनाव पटना से हारा था तो किसी ने नहीं पूछा। ममता बनर्जी ने मेरा साथ दिया तो मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं उनका साथ दूं। ममता बनर्जी को ही मैं अपनी नेता मानता हूं।
PM मोदी का फोन आने के सवाल पर ये कहा
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी का फोन आ भी जाए तो स्वागत है। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन फिलहाल में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ सकता। प्रधानमंत्री मेरे दोस्त हैं। BJP के लिए मेरे मन में कोई शिकायत नहीं है। मुझे उन लोगों से शिकायत है, जो कभी ममता बनर्जी को अपना आदर्श मानते थे और उन्हें फॉलो करते थे, उनके स्टाइल को कॉपी करते थे और आज वही इस तरह मुंह मोड़ जाकर रहे हैं। ममता बनर्जी अपनों संग खड़ी होती हैं, लेकिन आज उनके साथ कोई नहीं। ऐसा नहीं होना चाहिए था, गलत हुआ।
इतने दिन से चुप क्यों, सवाल का जवाब भी दिया
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं सही समय पर काम करने वाला इंसान हूं। इसलिए चारों तरफ सब कुछ देखने-सुनने के बाद अब सामने आकर जवाब दे रहा हूं कि मैं ममता बनर्जी के साथ ही रहूंगा। इस घड़ी में, खासकर मुसीबत की घड़ी में उनके साथ रहूंगा। मेरा फिलहाल रास्ता बदलने की या किसी और दिशा में जाने की कोई मंशा नहीं है। कुछ लोगों ने मेरा नाम बागी गुट के साथ जोड़ दिया था, इसलिए अब सामने आना जरूरी हो गया था। पता नहीं किसी लालच में, किसी मजबूरी में, किस डर से बागी गुट में शामिल हुए, पर वे अच्छे लोग हैं और ममता बनर्जी के साथ खड़े थे।