Mamata Banerjee Video Message: "अगर आप मुझे चुप कराना चाहते हैं या टीएमसी को खत्म करना चाहते हैं तो आपको मुझे मारना होगा. मेरी आवाज को दबाने के लिए बीजेपी ने डराने-धमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ा है." ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक अंदाज में एक वीडियो संदेश जारी कर बीजेपी और पार्टी के बागी नेताओं पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि विपक्षी ताकतें और बागी गुट केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर उन्हें डरा नहीं सकते और तृणमूल को तोड़ने की हर साजिश का वह आखिरी सांस तक मुकाबला करेंगी. यह बयान तब आया है जब टीएमसी का एक बड़ा धड़ा बागी रुख अख्तियार कर चुका है और राज्य सरकार पर राजनीतिक अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है.
"मैं झुकने वालों में से नहीं"
ममता बनर्जी ने वीडियो में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल में सीपीएम (CPM) के 34 साल के शासन को सड़कों पर खून बहाकर उखाड़ा था. आज जो लोग दिल्ली की सत्ता के दम पर टीएमसी को खत्म करने का सपना देख रहे हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि ममता को डराया नहीं जा सकता. "वे मुझे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराना चाहते हैं. वे मेरी पार्टी को तोड़ना चाहते हैं. लेकिन मैं उन्हें बता दूं, मुझे खामोश करने का सिर्फ एक ही तरीका है—तुम्हें मुझे जान से मारना होगा. जब तक मेरे शरीर में एक भी सांस बाकी है, मैं बंगाल की जनता के लिए लड़ती रहूंगी."
अभिषेक और महुआ पर हुए हमलों का किया जिक्र
फेसबुक लाइव और वीडियो संदेश के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनके नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, "आपने किसे नहीं सताया? महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हमले किए गए. यहां तक कि मेरे घर पर भी हमला हुआ. हमारे कई नेता जेलों में बंद हैं, जहां उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है."
बागियों को कहा 'गद्दार', दी खुली चुनौती
पार्टी में हुई बड़ी टूट और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के बागी गुट में शामिल होने पर दीदी ने सख्त रुख अपनाया. ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट को ललकारते हुए ममता ने कहा, "जो लोग पीठ में छुरा घोंपकर जा रहे हैं, अगर उनमें हिम्मत है तो वे सीधे बीजेपी में शामिल हो जाएं और सामने से मुझसे लड़ें. जब पिछले 15 सालों से वे मंत्री, सांसद और विधायक बनकर मलाई खा रहे थे, तब उन्हें कोई शिकायत क्यों नहीं थी?" बंगाल की जनता गद्दारों को कभी माफ नहीं करेगी और आने वाले दिनों में इसका जवाब ईवीएम (EVM) के जरिए देगी.
पार्टी सिंबल छिनने का डर नहीं
बागी गुट द्वारा चुनाव आयोग में टीएमसी के नाम और 'सिंबल' (दो फूल) पर दावा ठोकने को लेकर ममता ने कहा कि उन्हें सिंबल खोने का कोई डर नहीं है. उन्होंने कहा, "अगर वे पार्टी का सिंबल छीन भी लें, तब भी मैं इसे अपने गले में लटकाकर जनता के बीच जाऊंगी. लोग इन गद्दारों को सबक सिखाएंगे." ममता ने ऐलान किया कि वह खुद बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पद संभालेंगी और 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली हर हाल में होगी, चाहे उन्हें रिक्शे पर खड़े होकर ही भाषण क्यों न देना पड़े.