Mamata Banerjee TMC Split: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है. राज्य में 58 विधायकों की बगावत के बाद, अब देश की राजधानी दिल्ली से टीएमसी के लिए बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है. टीएमसी के कम से कम 22 सांसद (लोकसभा और राज्यसभा दोनों मिलाकर) बगावत करने और संसद में खुद को असली टीएमसी घोषित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

दिल्ली में छिड़ा सियासी घमासान, शुभेंदु का डेरा

यह राजनीतिक भूचाल ऐसे समय पर आ रहा है जब अगले हफ्ते की शुरुआत में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. इसी बीच, पश्चिम बंगाल के बड़े नेता शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दिल्ली में डेरा जमा लिया है.

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समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि टीएमसी के कई सांसद लगातार उनके संपर्क में हैं और जल्द ही टीएमसी का वजूद खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा. वहीं, बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने भी दावा किया कि चुनाव नतीजों के बाद से ही कई सांसद पाला बदलने के लिए लगातार उनके दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं.

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16 सांसदों के फोन बंद, काकोली घोष कर रही हैं नेतृत्व

खबरों के मुताबिक, संसद में होने वाले इस बड़े तख्तापलट का नेतृत्व बारासात से लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. इस सियासी हलचल के बीच शुक्रवार को जब टीएमसी के सांसदों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो सबको हैरान करने वाली बात सामने आई. कुल 16 बागी सांसदों में से 15 के फोन अचानक स्विच ऑफ आने लगे. फोन बंद करने वाले इन सांसदों में कई नामी फिल्मी सितारे, पूर्व खिलाड़ी और पहली बार चुनाव जीतकर आए नए नेता शामिल हैं.

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क्या है दलबदल कानून से बचने का गणित?

संसद में दलबदल कानून के तहत अपनी सदस्यता बचाने और अलग गुट को मान्यता दिलाने के लिए बागी धड़े को दो-तिहाई सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. मौजूदा समय में लोकसभा में टीएमसी के 28 और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं.

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इस हिसाब से अयोग्यता से बचने के लिए बागियों को कम से कम 19 लोकसभा और 9 राज्यसभा सांसदों के आंकड़े की जरूरत होगी. सूत्रों का दावा है कि बागी खेमे के पास दोनों सदनों को मिलाकर 22 से अधिक सांसदों का समर्थन जुट चुका है और वे सोमवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति से मिलकर खुद को असली तृणमूल घोषित कर सकते हैं.

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