पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीति से संन्यास को लेकर बड़ा ऐलान किया है. ममता बनर्जी ने फेसबुक पर लाइव होकर भाजपा को आड़े हाथों लिया और निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वे अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी. भाजपा का 'मनी मून' पीरियड चल रहा है, लेकिन जब तक भाजपा को हाशिए पर नहीं पहुंचाऊंगी, तब तक मैं सांस नहीं लूंगी, राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी. पश्चिम बंगाल के लोगों ने भाजपा का असली चेहरा देख लिया है, क्योंकि भाजपा ने बंगाल के लोगों को डरा-धमकर वोट लिए हैं. लेकिन भाजपा अपने मंसूबों में ज्यादा समय तक कामयाब नहीं हो पाएगी.
ममता बनर्जी राजनीति से कब लेंगी संन्यास?
ममता बनर्जी ने कहा कि लोग चाहते हैं कि मैं दबाव में आकर राजनीति से संन्यास ले लूंगी, लेकिन वे गलतीफहमी में जी रहे हैं. भाजपा के खिलाफ लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक भाजपा वाले बंगाल की राजनीति से संन्यास नहीं ले लेते. बंगाल पुलिस लगातार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कर रही है. यहां तक की SP लेवल के अधिकारी जिला अध्यक्ष के जैसे काम कर रहे हैं. 12000 से 14000 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं. गद्दारों और लुटेरों के जरिए BJP लोगों को अपना हिस्सा बना रही है. हाल ही में सामने आया जाधवपुर यूनिवर्सिटी का विवाद सुर्खियों में है.
---विज्ञापन---
ममता बनर्जी ने जनगणना पर उठाए सवाल?
ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि पार्टी ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में बने प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाकर हंगामा कराया. भाजपा देश में चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. जनगणना कराकर भाजपा सरकार सीक्रेट तरीके से NRC लागू करने की कोशिश कर रही है. किसी अन्य पार्टी से इस बार में विचार-विमर्श तक नहीं किया गया. इसलिए लोगों से अपील है कि वे जनगणना फॉर्म पर हस्ताक्षर और निजी जानकारियां देते समय सावधान रहें. क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपकी पर्सनल डिटेल कहां इस्तेमाल होगी?
ममता बनर्जी SIR को लेकर हमलावर हुईं
बता दें कि फेसबुक लाइव में ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. ममता बनर्जी का आरोप है कि SIR के नाम पर केंद्र सरकार लाखों वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा रही है. अपने वोट बैंक को बढ़ाने का प्रयास कर रही है. इसी आधार पर भाजपा ने चुनाव में धांधली की, इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो वोटर लिस्ट से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें साथ लेकर वे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी. बंगाल के भाजपा वाले मुख्यमंत्री 'बुलडोजर की राजनीति' कर रहे हैं. लेकिन बंगाल में उनकी यह राजनीति ज्यादा समय तक चलने वाली नहीं है.
---विज्ञापन---