दिल्ली में INDIA ब्लॉक की मीटिंग से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु राय ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कोयल मलिक के भी इस्तीफा देने की अटकलें हैं, जबकि वे 2 महीने पहले ही सांसद बनी थीं। अगर ऐसा हुआ तो वे सबसे कम समय के लिए सांसद बनने वाले नेताओं की सूची में जुड़ जाएंगी। कोयल अप्रैल में राज्यसभा सांसद बनी थी और उन्होंने सदन का एक भी सत्र जॉइन नहीं किया है।

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ये हैं राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद

बता दें कि राज्यसभा में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 13 सांसद हैं। सुखेंदु रॉय के इस्तीफे के बाद 12 रह गए हैं। TMC के राज्यसभा सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन (संसदीय दल के नेता), सुखेंदु शेखर रॉय (मुख्य सचेतक), सागरिका घोष (उपनेता), मोहम्मद नदीमुलहक, डोला सेन, सुष्मिता देव, ममता बाला ठाकुर, प्रकाश चिक बाराइक, समीरुल इस्लाम, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी, बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक शामिल हैं। इनमें से सुखेंदु रॉय पद छोड़ गए हैं।

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पहले विधायक और अब सांसद हुए बागी

4 मई को विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तृणमूल कांग्रेस में टूट जारी है। पहले पार्टी के करीब 60 विधायक बागी हुए और अब सांसद भी बागी होने लगे हैं। विधायकों ने ऋतबत बनर्जी के नेतृत्व में नया गुट बना लिया है। वहीं अब उन्होंने 20 लोकसभा सांसदों के भी संपर्क में होने का दावा किया है। बगावत की वजह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं, जिनके द्वारा पार्टी को हाईजैक किए जाने का दावा किया जा रहा है। इससे TMC की कमान ममता बनर्जी के हाथ से निकल सकती है।

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विधायकों-सासंदों के अलावा पार्षद भी बागी

बता दें कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के न सिर्फ विधायक और सांसद बागी हुए हैं, बल्कि नगर पालिकाओं से 100 से ज्यादा पार्षद भी इस्तीफा दे चुके हैं। जी हां, चंदननगर के मेयर राम चक्रवर्ती ने 30 पार्षदों के साथ इस्तीफा दिया है। भाटपाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन रेबा साहा के साथ 30 पार्षदों ने इस्तीफा दिया। गारुलिया नगरपालिका के 18 पार्षदों, हलीशहर नगरपालिका के 16 पार्षदों, उत्तर बैरकपुर से 15 और कांचरापाड़ा से 14 पार्षदों, डायमंड हार्बर से 8 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है।

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