पश्चिम बंगाल मे नई सरकार बनने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पूरे एक्शन में है. बॉर्डर की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह के समझौते को नकारते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने सबसे पहले दोनों देशों के बीच घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करवा दिया है.
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वहीं, बीएसएफ को 142.79 एकड़ भूमि हाल ही में हस्तांतरित की गाई है. एसआईआर के बाद पकड़ में आए सैकड़ों बांग्लादेशियों को वापस भेजने का काम किया जा रहा है. भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे घुसपैठियों के विवाद, तस्करी, सीमा पर उग्रवादी समूहों की सक्रियता को लेकर बीएसएफ के डीजी और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के डीजी के बीच 57वां डीजी स्तर का बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस 8 से 11 जून 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा.
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इस सम्मेलन की मेजबानी सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ करेगा. बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BSF के डीजी प्रवीण कुमार करेंगे, जबकि बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी करेंगे. न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक इस महत्वपूर्ण बैठक में बीएसएफ कई मुद्दों को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के डीजी के सामने उठाएगे.
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बैठक में होने वाले मुख्य चर्चा (सूत्र)
- दोनों देशों की सीमा सुरक्षा बल सीमा पार अपराधों की रोकथाम के लिए कड़ा एक्शन लेना
- अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जब भारत की तरफ से बाड़ लगाने की कोशिश की गई तब बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की तरफ से आपत्ति जताई गई यहां तक की मजदूरों के ऊपर बांग्लादेशियों की तरफ से पत्थर भी फेंका गया जिसका वीडियों भी सामने आया, आगे इस तरह की घटना ना हो इस पर विशेष चर्चा.
- बांग्लादेशी अपराधियों की भारत में घुसपैठ रोकने को लेकर चर्चा
- आपसी विश्वास बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श पर चर्चा
BSF के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल और सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. आपको बता दें कि पिछला BSF-BGB डीजी स्तर का सम्मेलन 25 से 28 अगस्त 2025 के बीच बांग्लादेश की राजधानी Dhaka में आयोजित किया गया था. दोनों देशों के बीच इस तरह की बैठक हर दो साल में आयोजित की जाती है. इस बैठक की शुरुआत साल 1975 में की गई थी.
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