कभी पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के सबसे बड़े आलोचक रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी ने पुरानी तल्खियां भुलाकर एक बड़ा सियासी दांव चला है. टीएमसी में बगावत और तीन-तरफा टूट के बाद, अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी पुरानी पार्टी यानी कांग्रेस में वापस लौटने और राज्य में पार्टी की कमान संभालने का खुला न्योता दे दिया है. हालांकि, इस ऑफर के साथ अधीर ने एक शर्त भी जोड़ दी है कि ममता बनर्जी को अपना ‘बैगेज’ छोड़ना होगा.
‘पुरानी बातें भूलिए…’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘पुरानी बातें भूल जाइए. मैं ममता बनर्जी को सलाह देता हूं और अपने आलाकमान से भी कहता हूं. ममता बनर्जी कांग्रेस में क्यों शामिल नहीं हो जातीं? वे अपने बचे हुए सभी सांसदों और विधायकों के साथ कांग्रेस में क्यों नहीं आ जातीं? अगर वे कांग्रेस का ही प्रोडेक्ट हैं, तो उन्हें कांग्रेस में वापस आने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.’
यह भी पढ़ें : बंगाल उपचुनाव से पहले ममता को बड़ा झटका! 100 नेताओं ने छोड़ा साथ, थामा कांग्रेस का हाथ
अधीर ने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर ममता वापस आती हैं, तो बंगाल कांग्रेस के नेता खुशी-खुशी उनके नेतृत्व को स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा कि बंगाल में हम कांग्रेस के भीतर आपके नेतृत्व में काम करेंगे.
अभिषेक बनर्जी की ओर इशारा?
ममता बनर्जी को कांग्रेस का दामन थामने का सुझाव देने के साथ ही अधीर ने उनके सामने एक पेंच फंसा दिया. उन्होंने कहा, ‘क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी का बैगेज क्या है? उस बैगेज को हटाकर ममता बनर्जी को सीधे कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहिए.’ बताया जा रहा है कि, अधीर का यह सीधा इशारा ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की तरफ था.
कांग्रेस ने पहले भी की है मदद
अधीर रंजन चौधरी ने याद दिलाया कि ममता बनर्जी ने 1970 के दशक में अपना सियासी सफर कांग्रेस से ही शुरू किया था. 1998 में उन्होंने अलग होकर टीएमसी बनाई और 2011 में वाममोर्चे का 34 साल पुराना किला ढहा दिया था.
अधीर ने कहा, ‘इतिहास गवाह है कि 2001, 2009 और 2011 में कांग्रेस ने हमेशा ममता बनर्जी का समर्थन किया. कांग्रेस ने लगातार उनकी मदद की है. आज भी जब किसी को लगता है कि ममता बनर्जी संकट में हैं, तो वे सबसे पहले सोनिया गांधी के पास ही जाते हैं. हमने कभी उनका विरोध नहीं किया, बल्कि हमारे विरोध में ममता बनर्जी खुद खड़ी थीं.’
यह भी पढ़ें : ‘ज्ञानेश कुमार को माफ नहीं करेगी जनता’, ममता बनर्जी का बड़ा हमला, CEC को बताया ‘वैनिश कुमार’
बता दें, मई में बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद से टीएमसी गहरे आंतरिक संकट से जूझ रही है. पहले विधायकों ने और फिर सांसदों ने ममता बनर्जी से बगावत कर ली. पार्टी से बगावत करने वाले कई नेताओं ने इस टूट का जिम्मेदार अभिषेक बनर्जी को ही ठहराया था.
संबंधित खबरें
छठ घाटों पर सुरक्षा, हर जगह होंगे नोडल अधिकारी तैनात
2 days agoआसनसोल में अवैध प्रेम संबंध के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या
3 days agoED की कोहीनूर ग्रुप के CA समेत चार ठिकानों पर छापेमारी
3 days agoपूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार, दुर्गा पूजा पास मामले में हुआ एक्शन
4 days ago'उसे गोली मारो या...', गर्लफ्रेंड को चूमने पर पिता के साथ निर्वस्त घुमाया
6 days ago'शुद्धिकरण के नाम पर उतरवाए कपड़े', ईसाई महिला ने धर्मांतरण का लगाया आरोप
8 days agoकोलकाता भगदड़: दुर्गा पूजा समिति का कोषाध्यक्ष गिरफ्तार
10 days agoकोलकाता हवाई अड्डे पर 1.13 करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा जब्त
11 days agoचोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़: शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को दिए 25-25
12 days agoकोलकाता दुर्गा पूजा हादसे की जांच के लिए SIT गठित, 3 महीने में आएगी रिपोर्ट
12 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines