पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक मुहिम “परिवर्तन यात्रा” की शुरुआत का ऐलान कर दिया है. “पाल्टानो दौरकार, चाई BJP शोरकार” के नारे के साथ पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि उसका फोकस इस बार सीधे सत्ता परिवर्तन पर है.

बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और हिंसा से जुड़ी व्यवस्था करार दिया है. पार्टी का कहना है कि “परिवर्तन यात्रा” केवल एक चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को फिर से मजबूत करने का अभियान है.

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इस अभियान को बेहद व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है. राज्यभर में एक साथ 9 यात्राएं निकाली जाएंगी, जो लगभग 5000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 38 जिलों और 230 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी. बीजेपी का लक्ष्य इस दौरान 1 करोड़ से ज्यादा लोगों से सीधे संवाद स्थापित करना है.

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यात्रा के दौरान 63 बड़ी रैलियां और 281 स्वागत सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जा सके. पार्टी इस अभियान के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षक भर्ती घोटाले, भ्रष्टाचार, अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है.

इस बड़े अभियान के लिए 100 से अधिक केंद्रीय और राज्य स्तर के नेताओं की तैनाती की गई है. यह अभियान 1 मार्च को 5 उद्घाटन सभाओं के साथ शुरू होगा, जिसके बाद 2 मार्च को 4 अतिरिक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रमुख नेताओं में अमित शाह, नितिन नवीन, जे.पी. नड्डा, राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे.

होली के बाद 5 से 10 मार्च तक यात्रा लगातार जारी रहेगी, जहां प्रतिदिन करीब 9 घंटे तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस अभियान का भव्य समापन कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड ग्राउंड में होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे.

“परिवर्तन यात्रा” के जरिए BJP ने बंगाल में चुनावी लड़ाई को पूरी तरह जमीन पर उतार दिया है. अब यह देखना अहम होगा कि नारे और रणनीति के इस मेल से पार्टी राज्य की राजनीति में कितना बड़ा बदलाव ला पाती है.