पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर शनिवार को भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच शब्दयुद्ध भड़क उठा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शहर दौरे के दौरान टीएमसी सरकार के खिलाफ जारी 35 पृष्ठीय 'चार्जशीट' के कुछ घंटों बाद सत्ताधारी दल ने जवाबी 'चार्जशीट' पेश कर भाजपा के दस्तावेज को आधारहीन और राजनीतिक साजिश करार दिया.
टीएमसी ने अमित शाह पर साधा निशाना
राज्य मंत्री ब्रत्य बसु ने सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद के साथ मिलकर टीएमसी का प्रतिवाद पेश किया. बसु ने आरोप-पत्र जारी करने वालों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए जूलियस सीजर का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब न्यायाधीश और अपराधी एक ही स्थान पर बैठें, तो आरोप-पत्र का स्वरूप ही प्रकट हो जाता है. अमित शाह के पूर्व कानूनी विवादों का जिक्र कर उन्होंने उनकी नैतिक सत्ता पर प्रहार किया.
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अमित शाह की ‘चार्जशीट’ में क्या था?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 वर्षों के कार्यकाल के खिलाफ विस्तृत ‘चार्जशीट’ जारी कर चुनावी माहौल को और गरमा दिया है. उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम के साथ ही राज्य की जनता को 'कुशासन' से मुक्ति मिलेगी और बंगाल में बदलाव की शुरुआत होगी.
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बीजेपी ने अपनी चार्जशीट में राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पार्टी का दावा है कि 30 लाख नौकरियां खत्म हुईं, 6,688 कंपनियां राज्य छोड़कर चली गईं और 26,000 नौकरियां भ्रष्टाचार के कारण रद्द हो गईं. इसके अलावा 40 लाख युवाओं के पलायन को भी बड़ा मुद्दा बताया गया है, जिससे राज्य के भविष्य पर असर पड़ने की बात कही गई है .
शिक्षा और कर्मचारी हितों को लेकर भी सरकार को घेरा गया है. बीजेपी के अनुसार, करीब 8,000 स्कूल बंद हुए और 7वें वेतन आयोग को लागू नहीं करने से 20 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए. कानून-व्यवस्था पर हमला करते हुए पार्टी ने कहा कि 2023 में महिलाओं के खिलाफ 34,738 अपराध दर्ज हुए, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी आरोप लगाए गए कि भारत-बांग्लादेश सीमा के 569 किमी हिस्से में अब भी फेंसिंग नहीं है, जिससे घुसपैठ की समस्या बनी हुई है. अमित शाह ने आरोप लगाया कि इसके लिए वो और उनका गृह मंत्रालय लगातार जमीन की मांग को लेकर कामता बनर्जी सरकार से लगातार संपर्क में रहा लेकिन ममता सरकार ने फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दी, क्यूंकि वो राज्य को घुसपैठ के लिए खुला रखना चाहती है .
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “झूठे आंकड़ों पर आधारित राजनीतिक प्रोपेगेंडा” बताया है. पार्टी का कहना है कि बंगाल विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और भाजपा केवल चुनावी लाभ के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.