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वृंदावन में यमुना में कैसे पलटा स्टीमर? प्रत्यक्षदर्शी ने बताया-कैसे हुई 10 लोगों की मौत

vrindavan yamuna steamer accident eyewitness: वृंदावन में यमुना की लहरों पर बड़ा हादसा, लुधियाना के श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर तेज रफ्तार के कारण पुल से टकराकर पलटा. प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी सुनिए उस खौफनाक मंजर की दास्तां, जिसने 10 जिंदगियां लील लीं और प्रशासन की पोल खोल दी.

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वृंदावन में यमुना की लहरों के बीच आज खुशियां मातम में बदल गईं. लुधियाना से आए श्रद्धालुओं के लिए यमुना भ्रमण का सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ. पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालुओं से भरा एक तेज रफ्तार स्टीमर अनियंत्रित होकर पेंटून पुल के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्टीमर चंद सेकंड में ही यमुना की गहराई में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस पूरे हादसे को अपनी आंखों से देखने वाले और मौत के मुंह से बाहर निकलकर आए एक यात्री ने जो आपबीती सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है.

हादसे में जीवित बचे यात्री ने बताया, स्टीमर की रफ्तार काफी तेज थी और चालक उसे लहराते हुए चला रहा था. अचानक स्टीमर का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे यमुना में बने पेंटून पुल के खंभे से जा टकराया. टक्कर लगते ही चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरी नाव यमुना के गहरे पानी में समा गई.

यह भी पढ़ें: वृंदावन में बड़ा हादसा, नाव पलटने से नदी में डूबे 10 श्रद्धालु; CM योगी ने दिया तुरंत रेस्क्यू का ऑर्डर

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खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • बड़ा हादसा: वृंदावन में श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर यमुना के पेंटून पुल से टकराकर पलटा।
  • जानी नुकसान: लुधियाना के 10 श्रद्धालुओं की मौत, 5 लापता, 15 को सुरक्षित निकाला गया।
  • वजह: स्टीमर की अनियंत्रित रफ्तार और चालक की बड़ी लापरवाही।
  • बड़ी चूक: बिना लाइसेंस के चल रहे स्टीमर, मौके से रिवर पुलिस गायब।

‘गोताखोर न होते तो कोई न बचता’

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, किनारे पर मौजूद स्थानीय गोताखोर उनके लिए देवदूत बनकर आए. यात्री ने बताया कि जैसे ही स्टीमर पलटा, किनारे पर खड़े गोताखोरों ने बिना वक्त गंवाए नदी में छलांग लगा दी. उनकी फुर्ती की वजह से ही 15 लोगों को पानी से बाहर निकाला जा सका, वरना तेज बहाव में किसी का बचना नामुमकिन था. इस हादसे में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है. सभी लोग पंजाब लुधियाना के रहने वाले थे. फिलहाल प्रशासन ने NDRF और SDRF की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है ताकि लापता 4-5 श्रद्धालुओं का पता लगाया जा सके. डीआईजी और डीएम मथुरा खुद मौके पर रहकर निगरानी कर रहे हैं.

हादसा अत्यंत दुखद है। रेस्क्यू ऑपरेशन हमारी प्राथमिकता है। स्टीमर चालकों की जांच की जा रही है और रिवर पुलिस की लापरवाही की भी समीक्षा होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” — सी.पी. सिंह, जिलाधिकारी, मथुरा

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बड़ा सवाल, कहां थी रिवर पुलिस?

दर्दनाक हादसे ने मथुरा के सिंचाई विभाग और रिवर पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्टीमर चालकों के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं है. मथुरा में यमुना की सुरक्षा के लिए बकायदा रिवर पुलिस तैनात है, जिसमें एक सीओ और चार दरोगा शामिल हैं. लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा के नाम पर कोई मौजूद नहीं रहता, जिससे चालक अपनी मनमर्जी से स्टीमर दौड़ाते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. Q1. वृंदावन यमुना हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है? अभी तक 10 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है।
  2. Q2. स्टीमर पलटने का मुख्य कारण क्या था? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टीमर की अत्यधिक रफ्तार और उसका पेंटून पुल से टकराना हादसे की मुख्य वजह थी।
  3. Q3. क्या स्टीमर चालकों के पास लाइसेंस था? प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यमुना में चलने वाले अधिकांश स्टीमर बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाए जा रहे हैं।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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