पति से झगड़े के बाद बेटी के साथ बाहर बैठी थी
घटना ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां के एक गांव की रहने वाली महिला पास की हाउसिंग सोसायटी में काम करके अपने परिवार का पेट पालती है। 10 सितंबर को उस महिला का अपने पति के साथ झगड़ा हो गया। रात करीब 10 बजे महिला अपनी 10 साल की बेटी के साथ घर से निकल आई और बाहर सड़क पर बैठ गई। तभी वहां पुलिस की एक गाड़ी आकर रुकी। उसमें दो पुलिसवाले बैठे थे। महिला से रात में वहां बैठने का कारण पूछा।घर पहुंचे पुलिस वाले ने महिला को दिया अपना नंबर
महिला ने पति के साथ झगड़े की बात बताई तो दोनों पुलिस वाले उसे अपने साथ लेकर पीड़िता के घर पर पहुंचे। महिला और उसके पति का विवाद सुलझ गया। महिला का कहना है कि इसी दौरान एक पुलिसवाले ने अपना मोबाइल नंबर उसे दिया। कहा कि बाद में झगड़ा होने पर वह उसे फोन करे। इसके बाद वह चले गए। आरोप है कि 16 सितंबर को जब महिला घर पर नहीं थी तो उनमें से एक पुलिसवाला उसके घर पर आया और उसकी 10 साल की बेटी को बाइक पर बैठाकर ले गया।रास्ते में कर रहा था गलत हरकत
महिला के घर लौटने पर बेटी ने बताया कि पुलिस वाला उसे लेकर गया था। रास्ते में एक स्थान पर उसे गलत तरीके से छू रहा था। तभी वहां एक अनजान व्यक्ति पहुंचा। उसने पुलिस वाले को टोका तो वह चला गया। वह अनजान व्यक्ति बेटी को घर पहुंचा कर गया। महिला का आरोप है कि जब वह थाना बिसरख में मामले की शिकायत करने के लिए पहुंची तो उसे थाने से भगा दिया गया। इस बारे में थाना बिसरख प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। अभी पढ़ें - Bihar News: सरकारी ऑफिस से स्कूल तक सिर पर किताब ढोकर ले गए छात्र, हेडमास्टर सस्पेंडहर पहलु की होगी जांच, दोषी को मिलेगी सजाः पुलिस उपायुक्त
पीड़ित महिला किसी तरह से चाइल्ड लाइन कार्यकर्ताओं के संपर्क में आई। इसके बाद चाइल्डलाइन वालों ने 19 सितंबर को पुलिस उपायुक्त, महिला सुरक्षा, मीनाक्षी कात्यायन से मामले की शिकायत की। पुलिस उपायुक्त मीनाक्षी कात्यायन का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हर पहलु पर बारीकी से जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए गए आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।अभी पढ़ें - प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
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