73 साल में तीसरी बार लखनऊ के बाहर UP कैबिनेट मीटिंग, क्या अयोध्या से सेट होगा 2024 का टारगेट?

Uttar Pradesh Yogi Adityanath Cabinet Meet in Ayodhya Second Time Out Lucknow:

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Yogi Adityanath Cabinet Meeting

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Uttar Pradesh Yogi Adityanath Cabinet Meet in Ayodhya Second Time Out Lucknow: तारीख 9 नवंबर…साल 2023। आज का दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए ऐतिहासिक है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार 4 साल बाद एक बार फिर राजधानी लखनऊ से बाहर निकलकर किसी अन्य जिले में कैबिनेट मीटिंग की। जगह भी खास है, रामनगरी अयोध्या। सीएम योगी और उनकी कैबिनेट ने अयोध्या के कोतवाल हनुमान गढ़ी में सबसे पहले पूजा अर्चना की, फिर पूरी सरकार रामलला के दरबार पहुंची। जहां सीएम ने रामलला की आरती उतारी। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने सीएम योगी को अंगवस्त्र पहनाया तो सभी मंत्रियों को प्रसाद दिया।

22 जनवरी को पीएम करेंगे राम मंदिर का उद्घाटन

2024 लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या की नगरी में कैबिनेट मीटिंग के कई मायने हैं। दिल्ली की कुर्सी का रास्ता यूपी से होकर निकलता है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी ने भाजपा की झोली खूब भरी। अब राम मंदिर बन रहा है, 22 जनवरी को पीएम मोदी खुद इसका उद्घाटन करने वाले हैं। ऐसे में योगी सरकार अयोध्या और राम दोनों को देश की भावना बनाना चाहती है।

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मंत्री सुरेश खन्ना बोले- 1000 साल बाद लौटा अयोध्या गौरव

कैबिनेट मीटिंग अयोध्या में श्रीराम कथा पार्क में हुई। इससे पहले मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आज करीब 1000 साल बाद पीएम और सीएम ने अयोध्या का गौरव लौटाया है। यह शहर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल बनने जा रहा है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फैसले लिए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव कैबिनेट के सामने हैं।

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कुंभ में सीएम समेत पूरी कैबिनेट ने लगाई थी डुबकी

बात 2019 की है। प्रयागराज में कुंभ का मेला चल रहा था। 450 साल बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप को खोला गया था। देश में धार्मिक संदेश और हिंदुत्व को धार देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी कैबिनेट प्रयागराज पहुंची। जहां 29 जनवरी को गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर डुबकी लगाई गई। उत्तराखंड विभाजन के बाद यह पहला मौका था, जब यूपी कैबिनेट मीटिंग राजधानी लखनऊ से बाहर हुई थी।

Yogi Adityanath Cabinet Meeting In Prayagraj

Yogi Adityanath Cabinet Meeting In Prayagraj

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61 साल पहले नैनीताल में हुई थी पहली मीटिंग

उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे पहले 1962 में लखनऊ से बाहर नैनीताल में यूपी कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। उस समय चंद्र भानु गुप्त यूपी के मुख्यमंत्री थे। वे सात दिसंबर 1960 को पहली बार सीएम बनाए गए और इसके बाद दो बार मुख्यमंत्री का पद संभाला। सीएम गुप्त ने महज 17 साल की उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था।

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