यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने टीचर्स को बड़ी राहत दी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 हजार असिस्टेंट टीचर भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा सबमिट किया है, जिसमें ये साफ किया गया है कि जो टीचर अभी वर्किंग हैं उनकी जॉब सेफ है और किसी को भी निकाला नहीं जाएगा. योगी सरकार ने हलफनामे में ये भी कहा है कि वो काबिल उम्मीदवारों को मौका भी देगी.
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योगी सरकार ने और क्या कहा?
योगी सरकार ने हलफनामे के अलावा 8270 कैंडिडेट्स की रिवाइज्ड लिस्ट भी कोर्ट के सामने पेश की, जो अभी नौकरी नहीं कर रहे. इनमें से 3324 कैंडिडेट्स अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं. यूपी सरकार ने ये भी साफ किया है, पिछली लिस्ट में 4926 उम्मीदवारों के नाम शामिल नहीं थे.अब नई मेरिट लिस्ट में उनको जोड़ा गया है. योगी सरकार के इस फैसले से 2020 में भर्ती होने वाले टीचर्स की मुश्किलें कम हो सकती हैं.
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मामला क्या है?
1 दिसंबर 2018 को योगी सरकार ने 69000 शिक्षकों की भर्ती के लिए आदेश जारी किया. उसके बाद 6 जनवरी 2019 को ATRE-2019 (सहायक अध्यापक अध्यापक भर्ती परीक्षा) करवाई गई. परीक्षा के अगले दिन सरकार ने जो कट-ऑफ निकाली, जिसके तहत 65% जनरल कैटेगरी और 60% आरक्षित वर्ग को जगह मिली. इसके बाद ये मामला हाई कोर्ट पहुंचा और 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की कट-ऑफ को सही करार दिया. 1 जून 2020 को सरकार ने 67 हजार 867 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी की, जिन्हें स्कूलों में नौकरी दी गई. लिस्ट जारी होने के बाद ये मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.
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