सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर हाईटेक 'कसाना डीजे रिस्तल' लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों के साथ चल रहे इस विशाल डीजे को देखने के लिए मुजफ्फरनगर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. इस हाईटेक और आधुनिक डीजे सिस्टम के मालिक गाजियाबाद के लोनी निवासी उमेश कसाना हैं. उत्तर भारत में डीजे साउंड प्रतियोगिताओं की दुनिया में उमेश कसाना एक बड़ा और लोकप्रिय नाम माना जाता है. उनका यह साउंड सेटअप करोड़ों रुपये का बताया जा रहा है. इसमें आधुनिक डिस्को लाइटिंग, पावरफुल स्पीकर और आकर्षक डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है.

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उत्तराखंड पुलिस ने UP बॉर्डर पर क्यों छोड़ा?

इस बार उत्तराखंड पुलिस ने कसाना डीजे को अपने राज्य की सीमा तक एस्कॉर्ट करके उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर छोड़ दिया. दरअसल इस डीजे का आकार तय मानकों से काफी अधिक बड़ा था, जिस वजह से सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया. इसके बाद डीजे की मुजफ्फरनगर में भव्य एंट्री हुई. उमेश कसाना केवल इस व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सोशल मीडिया पर भी बहुत मशहूर हैं. उनके इंटरव्यू, रील्स और डीजे प्रतियोगिताओं के वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल होते हैं. युवाओं के बीच उनके विशाल डीजे सेटअप का अलग ही क्रेज देखने को मिलता है.

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डीजे के लिए बनाए गए हैं सख्त नियम

उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान चलने वाले डीजे के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट ही तय की गई है. नियमों का पालन कराने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस यूपी बॉर्डर पर आने वाले सभी डीजे वाहनों की माप कर रही है. मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. हाल ही में पुलिस ने नियमों का पालन न करने पर 'कश्यप डीजे' का 50 हजार रुपये का चालान भी काटा है. पुलिस लगातार कांवड़ मार्गों पर निगरानी बनाए हुए है.

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