जमीन और नीलामी से जुड़ी जानकारी:
- नोएडा अथॉरिटी दोनों मॉल्स के बीच स्थित लगभग 15,000 वर्गमीटर की कमर्शियल जमीन को ई-ऑक्शन से बेचेगी.
- यह विवादित जमीन जीआईपी मॉल और गार्डन गैलेरिया के गेट नंबर-10 और गेट नंबर-11 के बीच स्थित है.
- इस कीमती भूखंड को लेकर नोएडा प्राधिकरण और यूनिटेक ग्रुप के बीच लंबे समय तक अदालती लड़ाई चली थी.
- वर्तमान में इस जमीन का एक हिस्सा बाइक पार्किंग और दूसरा हिस्सा पैदल चलने वाले रास्ते के रूप में इस्तेमाल हो रहा है.
- इसी जगह पर पहले 90 मीटर की ऊंचाई पर हवा में खाना खिलाने वाला एक अनोखा रेस्टोरेंट संचालित होता था.
उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित सबसे प्रसिद्ध कमर्शियल हब सेक्टर-38ए के जीआईपी मॉल और गार्डन गैलेरिया का संयुक्त परिसर अब बहुत जल्द अलग-अलग होने जा रहा है. नोएडा प्राधिकरण इन दोनों बड़े परिसरों के बीच में स्थित करीब 15,000 वर्गमीटर की कीमती जमीन को ई-ऑक्शन यानी ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से बेचने की पूरी तैयारी कर चुका है. इस बड़े फैसले के लागू होने के बाद इन दोनों लोकप्रिय व्यावसायिक केंद्रों का कैंपस पूरी तरह से एक-दूसरे से जुदा हो जाएगा. जानकारी के मुताबिक गेट नंबर-10 और गेट नंबर-11 के बीच की यह जमीन लंबे समय से विवादों में घिरी हुई थी और इसे लेकर नोएडा प्राधिकरण और यूनिटेक ग्रुप के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चल रही थी.
नोएडा प्राधिकरण ने लिया जमीन का कब्जा
इस बेहद कीमती जमीन पर जीआईपी मॉल का निर्माण करने वाले यूनिटेक ग्रुप का दावा था, लेकिन बाद में कंपनी बड़े वित्तीय संकट में फंस गई और दिवालिया होने की प्रक्रिया में चली गई. इसके बाद वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के पुराने बोर्ड को हटाकर एक नया बोर्ड नियुक्त किया था ताकि लोगों की फंसी हुई परियोजनाओं को पूरा किया जा सके. इसी दौरान गेट नंबर-10 और 11 के बीच की इस जमीन का मामला भी अदालत में चल रहा था. अदालत ने सभी पहलुओं को देखने के बाद नोएडा प्राधिकरण के पक्ष में अपना अंतिम फैसला सुनाया. इस अदालती जीत के बाद पिछले वर्ष ही प्राधिकरण ने इस विवादित भूमि के बड़े हिस्सों पर अपना आधिकारिक कब्जा ले लिया था.
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दोनों मॉल्स को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता
अगर वर्तमान स्थिति की बात करें तो इस 15,000 वर्गमीटर जमीन के एक बड़े हिस्से का उपयोग इस समय दोपहिया वाहनों यानी बाइक की पार्किंग के रूप में किया जा रहा है. इसके अलावा जमीन का बाकी बचा हुआ हिस्सा पर्यटकों और खरीदारों के लिए पैदल चलने वाले मुख्य मार्ग के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है. यह पूरा स्थान जीआईपी मॉल और गार्डन गैलेरिया को आपस में जोड़ने वाले सबसे प्रमुख रास्तों में शामिल रहा है. अतीत में इस जमीन पर एक बहुत ही खास और मशहूर रेस्टोरेंट भी चलाया जाता था, जहां क्रेन की मदद से करीब 90 मीटर की ऊंचाई पर झूलती हुई कुर्सियों पर बैठकर लोगों को हवा में भोजन करने का एक बिल्कुल अनूठा और रोमांचक अनुभव दिया जाता था.
कमर्शियल उपयोग के लिए होगी मेगा नीलामी
नोएडा प्राधिकरण अब इस पूरी जमीन का कमर्शियल यानी व्यावसायिक श्रेणी में उपयोग तय करते हुए इसे ई-ऑक्शन के जरिए बाजार में बेचने की योजना बना रहा है. चूंकि यह स्थान नोएडा के सबसे व्यस्त, वीआईपी और प्रमुख कमर्शियल जोन में स्थित है, इसलिए माना जा रहा है कि इस जमीन की नीलामी से प्राधिकरण के खजाने में भारी राजस्व यानी मोटी कमाई जमा होगी. इस जमीन की बिक्री और वहां नए निर्माण के बाद जीआईपी मॉल और गार्डन गैलेरिया का पूरा परिसर भौतिक रूप से पूरी तरह अलग हो जाएगा, जिससे आने वाले समय में दोनों परिसरों की अपनी स्वतंत्र पहचान, सुरक्षा और नई पहुंच व्यवस्था विकसित की जा सकेगी.
इस फैसले के बड़े प्रभाव:
- कैंपस का पूरी तरह विभाजन: नीलामी के बाद जीआईपी और गार्डन गैलेरिया का संयुक्त परिसर अलग होकर अपनी स्वतंत्र पहचान बनाएगा.
- अथॉरिटी को बंपर कमाई: नोएडा के सबसे पॉश कमर्शियल एरिया में होने के कारण इस जमीन से प्राधिकरण को भारी राजस्व की प्राप्ति होगी.
- विवादों का हमेशा के लिए अंत: सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अथॉरिटी के कब्जे के बाद यूनिटेक ग्रुप के साथ चल रहा पुराना भूमि विवाद खत्म हो गया है.
- नया बिजनेस हब बनेगा: कमर्शियल लैंड यूज होने के कारण इस प्राइम लोकेशन पर नया मॉल, मल्टीप्लेक्स या बड़ा व्यावसायिक केंद्र खड़ा हो सकेगा.
- ट्रैफिक और एंट्री में बदलाव: दोनों परिसरों के अलग होने से भविष्य में यहां आने वाले वाहनों की पार्किंग और एंट्री गेट की व्यवस्था नए सिरे से बदलेगी.