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कौन है महंत आशुतोष ब्रह्मचारी? जिसने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज कराया POCSO केस

Who is Ashutosh Brahmachari: प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने महंत आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. सवाल यह है कि आशुतोष ब्रह्मचारी कौन है, जिसने इस बड़े धार्मिक विवाद को जन्म दिया?

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Who is Ashutosh Brahmachari: सनातन धर्म की दो बड़ी पीठों और उनके प्रमुखों के बीच चल रहा विवाद अब अदालती दहलीज पर है. प्रयागराज की एडीजे कोर्ट के आदेश पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. झूंसी थाने में शंकराचार्य के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी यह केस दर्ज किया गया है. इस मुकदमे के पीछे जो चेहरा है, उसका नाम है महंत आशुतोष ब्रह्मचारी. कौन हैं ये महंत और क्या है इनका विवादों से पुराना नाता? जानें शामली के एक साधारण लड़के ‘अश्विनी’ से ‘महंत आशुतोष’ बनने की पूरी कहानी.

बस कंडक्टर का बेटा और 27 मुकदमों का ‘इतिहास’

एबीपी लाइव की रिपोर्ट के अनुसार आशुतोष ब्रह्मचारी का असली नाम अश्विनी पांडेय है. वह शामली जिले के कांधला निवासी प्राइवेट बस में कंडक्टर राजेंद्र पांडेय का बेटा है. पिता के निधन के बाद अश्विनी ने कथित तौर पर धोखाधड़ी की दुनिया में कदम रखा. अश्विनी पांडेय का नाम पहले पुलिस रिकॉर्ड में कई गंभीर मामलों में दर्ज रहा. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अश्विनी उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी शामली पुलिस का हिस्ट्रीशीटर (76-A) है. उस पर धोखाधड़ी, बलात्कार, गो-हत्या और सरकारी जमीन पर कब्जे जैसे संगीन आरोपों में कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं. वह जिला बदर भी रह चुका है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था.

कैसे बना अश्विनी से महंत आशुतोष?

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए अश्विनी ने अपना चोला बदल लिया. साल 2022 में उसने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली और नया नाम मिला ‘आशुतोष ब्रह्मचारी’. फिलहाल वह मथुरा में रहता है और ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट’ का अध्यक्ष बनकर खुद को एक बड़े हिंदू चेहरे के तौर पर स्थापित कर चुका है. वह शाही ईदगाह मस्जिद मामले में एक पक्षकार भी है.

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क्या है विवाद का मूल?

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में दावा किया कि वाराणसी के विद्या मठ आश्रम में बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ. उन्होंने दो बच्चों को पेश किया और सबूत के तौर पर CD आदि सौंपे. दूसरी ओर, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को फर्जी बताया है और कहा है कि यह रामभद्राचार्य के शिष्य द्वारा साजिश है. उनके पक्ष में भी खुलासे हो रहे हैं कि आशुतोष ब्रह्माचारी ने कुछ परिवारों को धमकाया था.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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