कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 'मिशन 2027' के लिए मास्टरप्लान बना लिया है और आज कांग्रेस चुनावी रण में उतरने भी जा रही है. UP के रायबरेली से सांसद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से आगामी विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकेंगे. प्रयागराज में आज राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' प्रोग्राम है, जिसके लिए करी 2 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. कार्यक्रम शाम करीब साढ़े 6 बजे शुरू होगा, जिसके तहत राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे. राहुल गांधी पूरे बगावती मोड में हैं और छात्रों की गूंज से चुनावी बिगुल फूंकने के उनके प्लान से स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस का फोकस और टारगेट Gen-Z रहेंगे.
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3 रणनीतियों के तहत चुनावी बिसात बिछाएगी कांग्रेस
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस ने 3 स्तरीय रणनीति बनाई है. पहली रणनीति युवा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत बनाना है. दूसरी रणनीति उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के संगठन को फिर से खड़ा करने की है और तीसरी रणनीति उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के साथ समय रहते सीट बंटवारे को फाइनल करना और उसकी घोषणा कर टिकटों का बंटवारा करना है, ताकि समय रहते कांग्रेस प्रदेश के युवाओं के बीच जाए, उनकी समस्याएं सुने और उनके मुद्दों के अनुसार संकल्प पत्र या घोषणा पत्र या मेनिफेस्टो बनाकर उन्हें लुभाए, क्योंकि आगामी चुनाव की धुरी Gen-Z हो सकते हैं.
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प्रयागराज स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से कांग्रेस का गढ़
राहुल गांधी प्रयागराज से चुनावी बिगुल फूंकेंगे, क्योंकि प्रयागराज का गांधी परिवार से पुराना, मजबूत, ऐतिहासिक, भावनात्मक रिश्ता रहा है. प्रयागराज का आनंद भवन पंडित जवाहरलाल नेहरू का आवास रहा है और इसी भवन में आजादी के दिनों में कांग्रेस का दफ्तर भी था. लेकिन 1970 में उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आनंद भवन को भारत सरकार को दान कर दिया था. बावजूद इसके आज तक कांग्रेस आंनद भवन से कनेक्ट है और अकसर खास मौकों पर कांग्रेस नेताओं का भवन में आना-जाना लगा रहता है. प्रयागराज से इसी जुड़ाव का और मजबूत करने के लिए राहुल गांधी वहां के छात्रों से संवाद करेंगे.
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उत्तर प्रदेश के Gen-Z कांग्रेस का मेन फोकस पॉइंट
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के केंद्र सरकार के खिलाफ चले विरोध प्रदर्शन से देश के Gen-Z जुड़े, जिनका आक्रामक रुख पूरी दुनिया ने 20 जुलाई के संसद मार्च में देखा. वहीं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह से Gen-Z और युवाओं को सपोर्ट किया, उससे लगता है कि Gen-Z में कांग्रेस की पकड़ मजबूत हो रही है. जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन में सबसे ज्यादा Gen-Z उत्तर प्रदेश के थे, इसलिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश के Gen-Z वर्ग को टारगेट कर रही है. विधानसभा चुनाव 2027 को कांग्रेस इस वर्ग के साथ मिलकर, इस वर्ग के लिए, इस वर्ग के जरिए लड़कर जीतना चाहती है.
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सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने की तैयारी तेज
चुनावी रणनीति के तहत कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी संग सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने की तैयारी तेज कर दी है. इसके लिए बीते दिन 10 जनपथ में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के सांसदों की बैठक में कांग्रेस के सभी 6 लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, प्रमोद तिवारी और राजीव शुक्ला मौजूद थे. 13 अगस्त को संसद सत्र खत्म हो रहा है तो 20 अगस्त तक SP-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे की औपचारिक घोषणा करने की योजना है. इसमें ज्यादा देरी से गठबंधन में भ्रम और कड़वाहट पैदा हो सकता है. राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बेहतर तालमेल है.
UP में पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने की योजना भी बनाई है. क्योंकि लखनऊ में मजबूत संगठन के बिना दिल्ली तक पहुंचना संभव नहीं. इसलिए कांग्रेस ने पूर्व AAP मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है. उन्हें प्रदेश के दलित वोट बैंक को कांग्रेस से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि पार्टी का मानना है कि बहुजन समाज पार्टी और मायावती का जनाधार तेजी से टूट रहा है. इसलिए दलित वोट बैंक साधने के लिए राजेंद्र पाल गौतम को प्रदीप नरवाल, धीरज गुर्जर, अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, जगदीश चंद्र जांगिड़, संजीव आर्य, वरुण चौधरी, अब्दुल हन्नान की टीम दी गई है.