यूपी में वाहनों की फिटनेस जांच हुई बंद, परिवहन विभाग ने लागू किए नए नियम
उत्तर प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर लेकर परिवहन विभाग ने एक नया आदेश जारी किया है, जिससे मुताबिक अब मैनुअल फिटनेस जांच बंद हो गई है.
Written By Raja Alam

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वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने एक नया आदेश जारी किया है. अब यूपी में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच बंद कर दी गई है. नए नियम के मुताबिक, अब 23 लाख से ज्यादा व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच निजी ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर पर की जाएगी. राज्य के 75 जिलों के सभी व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस आंवटित किए गए हैं. वाहनों की फिटनेस जांच कराने के लिए ऑनलाइन बुक करना होगा, जिसमें नजदीकी एटीएस का स्लॉट बुक होगा.
यूपी परिवहन विभाग ने 5 जनवरी से इस नियम का पालन करने का आदेश दे दिया है. अब मैनुअली फिटनेस जांच बंद कर दी गई है. फिटनेस के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है. हर एक एटीएस को करीब 100 किलोमीटर के क्षेत्र से जोड़ा गया है. केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए 14 नवंबर 2024 और 1 अप्रैल 2025 को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र भेजा था. इसके बाद 17 नवंबर को एक पत्र जारी कर निर्देश दिया गया था कि जनवरी 2026 से एटीएस पर ऑनलाइन माध्यम से वाहनों का फिटनेस कराया जाए.
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परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नए नियम के मुताबिक, नए वाहनों के लिए आठ साल तक हर दो वर्ष में और उसके बाद एक-एक वर्ष में फिटनेस कराना अनिवार्य है. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो पहली बार 5 हजार और दूसरी बार 10 हजार का चालान कटेगा. राज्य के हर जीले में तीन निजी एटीएस खोलने की मंजूरी दी गई है. अभी तक सिर्फ लखनऊ में ही एटीएस संचालित हो सका है और दूसरा एटीएस बंथरा में तैयार किया गया है. इसके अलावा बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा व मीरजापुर में एटीएस संचालित हो रहा है. testing, fitness
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