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उत्तरप्रदेश में SIR को लेकर क्यों बैचेन हुई BJP सरकार? केंद्रीय चुनाव आयोग से मांगा था दो सप्ताह का समय

UttarPradesh BJP government SIR: ये खबर चौंकाने वाली है लेकिन है पूरी तरह से हकीकत, जिस गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों खासतौर से सपा और कांग्रेस पर हमलावर है वही SIR अब BJP के लिये बेचैनी का कारण बन गई है. पढ़ें लखनऊ से मानस श्रीवास्तव की स्पेशल रिपोर्ट

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UttarPradesh BJP government SIR: उत्तरप्रदेश में एसआईआर को लेकर बीजेपी इतनी बेचैन क्यो है? आखिर क्यों उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यूपी में एसआईआर के लिये 2 सप्ताह का समय बढ़ाने की अपील की गई थी. बीते दिन बकायदा यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तरफ से एक प्रेस नोट जारी कर ये जानकारी दी गई है कि यूपी मे दो सप्ताह के लिये एसआईआर की अवधि बढ़ाने की अपील की गई थी, उत्तरप्रदेश में SIR की समयसीमा को 26 दिसंबर तक बढ़ा लिया गया है। इस बीच उत्तरप्रदेश में डिप्टी सीएम और मंत्रियों के दौरे तेज हो गये हैं. खुद सीएम योगी आदित्यनाथ भी एसआईआर की समीक्षा कर रहे हैं.

अब BJP की बेचैनी का कारण समझें

अब बीजेपी की इस बेचैनी का कारण समझ लीजिये फिर आगे की कहानी अपने आप समझ मे आ जायेगी… आखिर अचानक क्या हुआ कि शहर के मतदाता ग्रामीण इलाकों से मतदाता बनने के आतुर हैं. दरअसल एसआईआर के दौरान बडी संख्या में मतदाताओं ने अपने पैतृक आवास को ही एसआईआर के लिये चुना. इसके पीछे बडी वजह ये थी कि ग्रामीण इलाकों, खेत खलिहानों और पुश्तैनी संपत्ति पर उनका अधिकार बना रहे, इसके लिये वो ग्रामीण इलाकों मे अपना एसआईआर भरने लगे और शहरी इलाकों से अपना नाम कटवा लिया.

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BJP की पकड़ शहरी मतदाताओं में ज्यादा

ये बात तो सभी जानते है कि भारतीय जनता पार्टी की पकड़ शहरी मतदाताओं में ज्यादा मानी गई है. ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर पहले बसपा औऱ अब सपा का दबदबा रहता है. BJP को शहर की पार्टी माना जाता रहा है, लेकिन यही शहरी मतदाता जब ग्रामीण इलाकों का रुख करने लगे तो BJP की बेचैनी बढ़ने लगी. इसका पता लगते लगते थोड़ी देर हो गई. तब तक लाखों की संख्या में मतदाता ग्रामीण इलाकों का रुख कर चुके हैं. अब बैठकों में मतदाताओं को समझाया जा रहा है कि ग्राम प्रधान की मतदाता सूची अलग होती है और विधानसभा की अलग, इसलिये शहर छोड़ कर गांव मत जाईये.

समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरी भी एक्टिव

वहीं, दूसरी तरफ जहां BJP अपने वोटरों के पलायन से परेशान है तो वहीं समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरी जिले जिले गांव गांव और शहर शहर अपने मतदाताओं को जोड़ने मे लगे हैं. लाल टोपी लगाये पीडीए प्रहरी मतदाताओं को समझा रहे हैं कि BJP उनके वोट कटवा रही है, इसलिये सतर्क रहें अपना फार्म सही से भर कर जमा करवाएं, अगर कोई फार्म नही भर पा रहा है तो पीडीए प्रहरी खुद जाकर उसका फार्म भरवा रहे हैं. सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार आरोप लगा रहे हैं कि BJP यूपी में वोट कटवाने मे लगी हुई है. 3 करोड़ से ज्यादा यूपी के मतदाता दूसरे राज्यों मे काम कर रहे हैं तो उनके वोट कहां जाएंगे. अखिलेश बार बार BJP और चुनाव आयोग पर सवाल खडे़ कर रहे हैं और पीडीए को मजबूत करने की वकालत कर रहे हैं.

यही एसआईआर है जिस पर BJP विपक्षी दलों को यह कह कर घेरती रही है कि विपक्ष को देश की संवैधानिक संस्थाओ पर भरोसा नही है और अब वही एसआईआर है जो बीजेपी के लिये मुश्किल पैदा कर रही है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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