Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पुरोला के हालात पल-पल बदल रहे हैं। लव जिहाद को लेकर जहां हिंदूवादी संगठनों में रोष है तो विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए मुस्लिम परिवार कथित तौर पर पलायन कर रहे हैं। हालांकि पलायन की बात को उत्तराखंड पुलिस ने नकार दिया है। प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। इसी बीच एक वीडियो सामने आया है। जो पुलिस के दावों पर भारी पड़ता दिख रहा है।

मकान पर हमला, लगे 'जय श्रीराम के नारे'

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो उत्तराखंड के उत्तरकाशी का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि काफी संख्या में लोग अपने हाथों में लाठी-डंडे लेकर एक घर पर हमला कर रहे हैं। घर के दरवाजों पर डंडे मार रहे हैं। इस दौरान जय श्री राम के नारे भी लगाए जा रहे हैं। इसी दौरान वहां पर पुलिस पहुंचती है और आक्रोशित लोगों को शांत कराकर वहां से हटाती है।

कहां से शुरू हुआ ये पूरे विवाद

इस विवाद की शुरुआत 26 मई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी के पुरोला कस्बे हुई। बताया जाता है कि यहां मुस्लिस युवक ने अन्य युवक के साथ मिलकर एक नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण की साजिश रची थी। हालांकि स्थानीय लोगों और मीडिया का दावा है कि लड़की को बचा लिया गया, लेकिन यहां से विवाद की शुरुआत हो गई। हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसी बीच एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक कस्बे से 12 मुस्लिम परिवार पलायन कर चुके हैं।

15 जून को पुरोला में महापंचायत

इसी बीच पुरोल प्रधान संगठन की ओर से पूरे मामले को देखते हुए 15 जून को कस्बे में महापंचायत का ऐलान किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस महापंचायत में कोई बड़ा फैसला हो सकता है। उत्तरकाशी के मामले को देखते हुए प्रदेश पुलिस भी सतर्क है। जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड के एडीजी (कानून और व्यवस्था) वी मुरुगेसन ने बताया है कि मामले की जांच की जा रही है।

ओवैसी बोले- महापंचायत पर तुरंत रोक लगे

पूरे विवाद के बीच पुरोल प्रधान संगठन की ओर से 15 जून को कस्बे में महापंचायत का ऐलान किया गया है। अब इस ऐलान के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट किया है। ओवैसी ने ट्वीट में लिखा है कि 15 जून को होने वाली महापंचायत पर तुरंत रोक लगाई जाए! वहां रह रहे लोगों को सुरक्षा प्रदान किया जाए। वहां से पलायन कर गए लोगों को वापस बुलाने का इंतजाम किया जाए। भाजपा सरकार का काम है कि गुनहगारों को जेल भेजे और जल्द अमन कायम हो। उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश की खबरों के लिए यहां क्लिक करेंः-