भारतीय सेना ने धराली (हर्षिल) में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है। पैदल सेना और इंजीनियरिंग टीमों सहित 225 से अधिक सैन्यकर्मी खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात हैं। मलबा हटाने और आवाजाही बहाल करने में सहायता के लिए लड़ाकू इंजीनियर धराली पहुंच गए हैं। टेकला के पास रीको रडार के साथ 7 टीमें काम कर रही हैं। हर्षिल में खोज और बचाव डॉग्स तैनात हैं। रीमाउंट और पशु चिकित्सा केंद्रों से और भी टीमें रास्ते में हैं।
सैन्य हेलीपैड चालू है। 3 नागरिक हेलीकॉप्टर, हताहतों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भटवारी और हर्षिल में सफलतापूर्वक उतर चुके हैं। चिनूक, एमआई-17, एएलएच हेलीकॉप्टर, जॉली ग्रांट, चंडीगढ़ और सरसावा में सैनिकों और सामग्री को एयरलिफ्ट करने के लिए स्टैंडबाय पर हैं। 70 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला गया। 3 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। 50 लोग लापता बताए गए हैं। 1 जेसीओ और 8 जवान लापता हैं।
बरतवारी, लिंचीगाड और गंगरानी के पास प्रमुख सड़क मार्ग बह गए हैं, जिससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। भूस्खलन के कारण धराली में नागरिक हेलीपैड अभी भी बंद है।
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NDRF के DIG का कहना है कि अभी तक सूचना के अनुसार, 4 की मौत हुई है, 50 से ज्यादा लापता है। इसके अलावा 2 और जगह फ्लैश फ्लड है। कई जगह पर लैंड स्लाइड है तो मूवमेंट नहीं हो पा रहा है। ऑपरेशन के लिए 3 टीमें गई है। कुछ टीम एयरलिफ्ट के लिए देहरादून में तैयार है लेकिन खराब मौसम की वजह से नहीं हो पा रहा। अभी ITBP, आर्मी मौके पर काम कर रही है 150 लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। NDRF की टीम समन्वय बना रही है राज्य सरकार से।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
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उत्तराखंड के भटवाड़ी में बादल फटने के कारण उत्तरकाशी-हर्सिल मार्ग पूरी तरह बह गया है। हर्षिल जाने वाला मार्ग पूरी रात पूरी तरह बंद रहा। यह जगह धराली 50 किलोमीटर दूर है।
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उत्तरकाशी-हर्सिल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद सड़कों को जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है, ताकि परिचालन फिर से शुरू हो सके।
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भारतीय सेना , भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ( आईटीबीपी ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ( एनडीआरएफ ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ( एसडीआरएफ ) के नेतृत्व में बचाव और राहत कार्य जारी हैं। उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों के अनुसार, अब तक 130 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ज़िला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के लगातार संपर्क में है।
Uttarkashi Cloudburst Updates: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से बड़ी तबाही मची है। गंगोत्री धाम से पहले बसे धराली गांव के ऊपर पहाड़ी पर बादल फटा। फिर हर्षिल घाटी में आर्मी के बेस कैंप के पास बादल फटा। जिसके बाद धराली गांव में तबाही मची है, ऊपर से मिट्टी का मलबा, पानी का सैलाब और बड़े-बड़े पत्थर पानी के साथ आए और बड़ी तबाही मची है।
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कई लोग लापता हो गए हैं, सेना का कहना है कि 11 जवान भी लापता हुए हुए हैं, इनकी तलाश जारी है। खीरगंगा नदी में बाढ़ आ गई है और नदी उफान पर बह रही है। NDRF, SDRF, ITBP, सेना और पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। वहीं खीरगंगा नदी में उफान की वजह से आसपास के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। यहां पढ़ें उत्तरकाशी से जुड़े ताजा अपडेट
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