Uttarakhand News: उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी के फाटो टूरिज्म जोन से एक विशाल बाघ तस्वीर की वायरल हो रही है। जिसमें कहा जा रहा है कि इसकी लंबाई करीब 7 फीट और वजन लगभग 300 किलोग्राम है। यह बाघ हाल ही में पर्यटकों को फाटो जोन की सफारी के दौरान दिखाई दिया और देखते ही देखते कैमरों में कैद होकर वायरल हो गया। कुछ मीडिया प्लेटफार्म व सोशल मीडिया पोस्ट्स में इसे ‘हरक्यूलिस’ नाम दिया गया है। कहा जा रहा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा बाघ हो सकता है, लेकिन क्या यह दावा सही है?
क्या है सच्चाई?
रामनगर तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश आर्या इस वायरल दावे पर थोड़ा संयम बरतने की सलाह देते हैं। उन्होंने बातचीत में कहा ‘यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह क्षेत्र का सबसे बड़ा बाघ है, जब तक अन्य बाघों से इसका मापन नहीं किया जाता। इतना जरूर कहूंगा कि मैंने फाटो जोन में इतना बड़ा बाघ पहले नहीं देखा। वहीं, इसको लेकर प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने भी इस वायरल वीडियो को देखा और अपनी राय दी। उन्होंने कहा ‘यह बाघ वाकई विशाल है और फाटो जोन में पहली बार इतना बड़ा टाइगर देखा गया है, लेकिन इसे एशिया का सबसे बड़ा बाघ कहना एक अतिशयोक्ति होगी।’
विशाल टाइगर कैप्चर किया
दीप रजवार ने बताया कि जिम कॉर्बेट ने जिस बैचलर ऑफ पवलगढ़ को मारा था, वह 9 फीट लंबा था और उसका वजन 300 किलो से ज्यादा था। यानी यह रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उन्होंने यह भी समझाया कि ‘बफर जोन के टाइगर अक्सर ज्यादा हैवी दिखाई देते हैं, क्योंकि यहां शिकार की उपलब्धता ज्यादा होती है। वहीं कोर जोन के टाइगर को शिकार के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वे मस्कुलर, मगर कम वजनी होते हैं।
दीप रजवार ने बताया कि उन्होंने सीताबनी का एक और विशाल टाइगर भी कैप्चर किया है, जो ‘विराट’ के नाम से जाना जाता है और वह भी 9 फीट से ऊपर है,यानी भारत में बड़े बाघों की कोई कमी नहीं हैं। हालांकि, फाटो जोन का ये नया मेहमान ‘हरक्यूलिस’ चाहे एशिया का सबसे बड़ा बाघ हो या न हो, लेकिन उसने लोगों की दिलचस्पी जरूर जगा दी है। फाटो जोन अब उत्तर भारत का नया वाइल्डलाइफ हॉटस्पॉट बनता जा रहा है।