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यूपी में गैर डेयरी वाले पनीर पर जल्द लगेगा बैन, FSDA ने FSSAI को भेजा प्रतिबंध का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में अब गैर-डेयरी यानी ‘एनालॉग पनीर’ के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने FSSAI को प्रतिबंध का प्रस्ताव भेजा है.

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Image Credit- AI

अगर आप होटल या रेस्तरां में पनीर की सब्जी बड़े चाव से खाते हैं, तो सावधान हो जाइए. उत्तर प्रदेश में जल्द ही गैर-डेयरी यानी ‘एनालॉग पनीर’ के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगने वाला है. राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को इस पर रोक लगाने और इसे परोसने वाले होटल-रेस्तरां मालिकों पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा है. FSSAI से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. राज्य में अभी एनालाग पर रोक नहीं है, हालांकि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में रोक लग गयी है.

3 क्विंटल से ज्यादा नकली पनीर जब्त

देश के कई राज्यों में एनालॉग पनीर बेचे जाने की शिकायतों के बाद FSSAI ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था. इसके तहत UP FSDA ने हापुड़, मेरठ, नोएडा, अलीगढ़, बागपत, लखनऊ, सहारनपुर और देवरिया समेत कई जिलों में छापेमारी कर 3 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर जब्त कर नष्ट कराया. महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में इस पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है. FSDA के अपर निदेशक हरि शंकर सिंह ने बताया कि FSSAI से अनुमति मिलते ही राज्य सरकार औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर देगी.

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सेहत के लिए धीमा जहर है ‘एनालॉग पनीर’

एनालॉग पनीर को दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सिफायर और अन्य केमिकल एडिटिव्स मिलाकर तैयार किया जाता है. डॉक्टर और खाद्य विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए काफी हानिकारक मानते हैं. इसके लगातार इस्तेमाल से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और टाइप-2 डायबिटीज होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. इसमें मिलाए जाने वाले इमल्सिफायर पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं और आंतों में सूजन पैदा कर सकते हैं. असली पनीर की तुलना में इसमें प्रोटीन और कैल्शियम का स्तर न के बराबर होता है, जिससे शरीर को कोई पोषण नहीं मिलता.

असली और एनालॉग पनीर में कैसे करें फर्क?

एनालॉग पनीर काफी चिकना होता है और चबाने पर रबड़ जैसा खिंचता है, जबकि असली पनीर खुरदुरा, दानेदार और मसलने पर आसानी से बिखर जाता है. असली पनीर में दूध की सौंधी महक और हल्की मिठास होती है, जबकि एनालॉग पनीर में कोई महक नहीं होती या कच्चे तेल जैसी गंध आती है.

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घर पर ऐसे करें टेस्ट

पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें. अगर रंग नीला हो जाए, तो समझ लें कि इसमें स्टार्च की मिलावट है. तेज गर्म तवे पर पनीर का टुकड़ा रखें. अगर वह पिघलने लगे, तो वह एनालॉग पनीर है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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