उत्तर प्रदेश के कानपुर में चमन गंज के गांधीनगर में बनी 5 मंजिला इमारत में लगी आग में 6 लोग जलकर मर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही कानपुर शहर की मेयर प्रमिला पांडे भी मौके पर पहुंची। उन्होंने अग्निकांड पर बात करते हुए कहा कि 5 मंजिला इमारत में ही जूते की फैक्ट्री थी। लोग पैसे के लालच में इतने अंधे हो गए हैं कि घर के अंदर ही फैक्ट्री लगा ली। फैक्ट्री में मशीनें, बिजली और पता नहीं क्या-क्या होता है? किसी चिंगारी से लग लग गई होगी। अब देखिए पूरी बिल्डिंग में आग लगी है। पूरा परिवार फंसा हुआ है। 2 भाई रहते हैं। एक में 3 लोग और एक में 2 लोग रहते हैं। छोटे-छोटे बच्चे हैं। 3 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, अब प्रभु जो करेंगे देखा जाएगा। 3 घंटे से आग ही नहीं बुझी, अब काम तो हो रहा है। फायर ब्रिगेड है, पुलिस और प्रशासन मौके पर है।  

हादसा पीड़ितों के मामा मौके पर पहुंचे 

अग्निकांड की जानकारी मिलते ही कानपुर में ही जाजमऊ इलाके में रहने वाले दानिश के मामा मिस्ताहुल हक इसरत इराकी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि चौथी मंजिल पर भांजा दानिश, उसकी पत्नी और 3 बेटियां रहती थीं। दानिश के पिता अकील तो किसी तरह जान बचाकर बाहर आ गए थे, लेकिन दानिश और उसका परिवार फंस गया। ADCP सेंट्रल कानपुर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि 5 मंजिल इमारत आग में जलकर राख हो गई। आग की लपटें इतनी ऊंची-ऊंची थीं कि आस-पास की इमारतों के ढहने का खतरा पैदा हो गया था। इसलिए आग पर काबू पाने में करीब 7 घंटे लग गए। 10 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, SDRF की टीम, स्थानीय पुलिस अग्निकांड की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। आस-पास के शहरों से भी फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी।  

कैसे भड़कती गई आग?

बताया जा रहा है कि सबसे पहले बिल्डिंग में बने बेसमेंट से धुंआ निकला। फिर एक के बाद एक 3 धमाके हुए और बेसमेंट में आग लग गई। 5 से 10 मिनट में ही आग तीसरी मंजिल पर पहुंच गई थी, जहां लगातार 2 जोरदार धमाके हुए। इन धमाकों के 5 मिनट बाद तीसरा धमाका हुआ और आग भड़क गई। शायद आग लगने से रसोई में रखे सिलेंडर फटे होंगे। करीब 20 मिनट के अंदर आग टॉप फ्लोर तक पहुंच गई थी।