UP News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कानपुर पुलिस ने जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी द्वारा कथित रूप से हस्ताक्षर किए एक पत्र के साथ पांच बांग्लादेशी नागरिकों के परिवार को गिरफ्तार किया है।
ये भारतीय नागरिकों के रूप में गैरकानूनी तरीके से यहां रह रहे थे। वहीं विधायक इरफान सोलंकी के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ हो रही ये कार्रवाई राजनीति से प्रभावित है।
गिरफ्तार बांग्लादेशियों की हुई पहचान
जानकारी के मुताबिक इरफान सोलंकी कथित तौर पर एक महिला की जमीन पर कब्जा करने के लिए उसके घर में आग लगाने के आरोप में जेल में है। इरफान इसी साल मार्च में सपा के टिकट पर कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से जीते थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रिजवान मोहम्मद (53), खालिद माजिद (79), हिना खालिद (45), रुखसार रिजवान (21) और रिजवान के 17 वर्षीय बेटे के रूप में की है।
कानपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि कानपुर पुलिस ने रिजवान और उसके परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कई पासपोर्ट भारतीय और बांग्लादेशी मुद्रा भी बरामद की है।
13 पासपोर्ट और लाखों के देसी-विदेशी करेंसी बरामद
उन्होंने बताया कि हमने तीन फर्जी आधार कार्ड और कई जाली दस्तावेज भी बरामद किए। इन दस्तावेजों से ये लोग खुद को भारतीय साबित कर रहे थे। कहा कि विधायक इरफान सोलंकी द्वारा कथित रूप से हस्ताक्षरित एक पत्र भी मिला है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ये भारतीय नागरिक हैं। हमने एक पार्षद का सर्टिफाइड पेपर भी बरामद किया है।
कानपुर पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के मूलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के पास से भारतीय मुद्रा में 14.56 लाख रुपये, 1 हजार डॉलर, गहने, 13 पासपोर्ट और पांच फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।