Upcoming Expressway in UP: देशभर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई परियोजनाएं लाई जा रही हैं। जिसके तहत कई एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी एक नया एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। जिसका सीधा फायदा करीब 45 गांव के लोगों को मिलने वाला है। जिन गांव से इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन ली जाएगी, उनको सरकार की तरफ से भारी मुआवजा दिया जाएगा। जानिए इस नए एक्सप्रेसवे की लागत, निर्माण कब तक होगा और इससे किन गांव-जिलों को फायदा मिलेगा?
नए एक्सप्रेसवे से जुड़ी पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का ऐलान किया है। जिससे राज्य के प्रमुख शहरों को फायदा देने के साथ-साथ 45 गांवों का भी विकास होगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 12,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 250 किलोमीटर रहेगी। जो बड़े शहर इससे जुड़ेंगे उनमें लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी का नाम शामिल है। इस बीच में लगभग 45 गांव भी इससे जुड़ेंगे। इस एक्सप्रेसवे के बनने से एक जगह से दूसरी जगह जाने में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा।
कौन से जिले जुड़ेंगे?
इस एक्सप्रेसवे का सीधा फायदा जिन शहरों को मिलेगा उनमें लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, प्रतापगढ़, अमेठी और रायबरेली का नाम शामिल है। इसके अलावा, जिन गांव से यह होकर यह एक्सप्रेसवे निकलेगा उसमें- सरसवां, खैराबाद, मिर्जापुर, बक्शी का तालाब, कुंडा, गौरीगंज, लालगंज और रानीगंज समेत कई गांव के नाम शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन गांव में व्यापार, फैक्ट्रियां और रियल एस्टेट का काम बढ़ जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ जैसे धार्मिक स्थलों पर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
एक्सप्रेसवे में क्या होगा खास?
यूपी सरकार इस नए ग्रीन एक्सप्रेसवे पर सोलर लाइटिंग, हरित पट्टी और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्लान बना रही है। इसके अलावा, स्मार्ट टोल सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे बिना रुकावट के सफर किया जा सके। वहीं, सबसे जरूरी सेफ्टी और इमरजेंसी सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जिसके लिए एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस, पुलिस पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे की सुविधा भी मिल जाएगी।