Digha-Koilwar Expressway: देशभर में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में दीघा से कोईलवर तक के लिए एक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। जिसके बनने के लोग कोईलवर से दीघा जेपी सेतु तक का सफर केवल 35 मिनट में कर सकेंगे। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 4 जिलों से होकर गुजरेगा, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली सड़क से मिलेगा। जानिए इसका रूट क्या रहेगा और कितने जिलों को इससे फायदा होगा?
यात्रा का समय होगा कम
दीघा-कोईलवर एक्सप्रेसवे के बनने से कोइलवर और दीघा जेपी सेतु के बीच यात्रा के समय को काफी कम होगा जाएगा। इसके बाद यात्री केवल 35 मिनट में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। दीघा-कोईलवर एक्सप्रेसवे से भीड़भाड़ कम होने के साथ कनेक्टिविटी बढ़ने और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। आपको बता दें कि इसका निर्माण सोन नदी के किनारे घनी आबादी से दूर किया जाएगा। वहीं, इसके बनने से भोजपुर, बक्सर, सारण और वैशाली जिले के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
दीघा-कोईलवर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी
दीघा-कोइलवर फोर-लेन एक्सप्रेसवे होगा, जो कोइलवर-बक्सर फोर-लेन सड़क से जुड़ेगा। यह सड़क उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ती है। इसके बनने से बिहार के अलावा यूपी के सफर पर भी असर पड़ेगा। जिससे बिहार और यूपी में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस परियोजना में दीघा-दीदारगंज जेपी गंगा पथ की तरह गंगा और सोन नदियों के किनारे एक एलिवेटेड रोड विकसित करना शामिल है।
इसमें मनेर और परेब के बीच 11 किलोमीटर सड़क को चार लेन वाले राजमार्ग में अपग्रेड करने का फैसला किया गया है। जिसके बाद इसे भी परियोजना में शामिल किया जाएगा। बिहटा-दानापुर एलिवेटेड रोड शहरी इलाकों में ट्रैफिक को कम करने में भी मदद करेगा। जिसका सीधा फायदा पटना, सारण और वैशाली जिलों को मिलने वाला है।