Free Scooty Scheme: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर रही लाखों छात्राओं के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 16 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें सबसे खास चर्चा रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की रही. इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के आखिरी वर्ष की टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली मुफ्त स्कूटी दी जाएगी. इसके लिए परिजनों की सालाना आय सीमा 12 लाख रुपये तय की गई है. इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जिसमें स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन, बीमा, पेट्रोल और हेलमेट का खर्च भी शामिल है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार 400 करोड़ रुपये का बजट खर्च करेगी, जिससे करीब 50 हजार छात्राएं सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी.
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दिव्यांग और शहीदों की बेटियों को प्राथमिकता
छात्राओं के चयन में पारदर्शिता के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. योजना में दिव्यांग छात्राओं, शहीदों के परिवार की बेटियों और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्राओं को आगे बढ़ाना है, ताकि कॉलेज तक आने-जाने की ट्रांसपोर्ट समस्या के कारण किसी की पढ़ाई न छूटे. इस कदम से बेटियों को न सिर्फ आने-जाने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने और महिला सशक्तिकरण को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी.
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एक्सप्रेसवे और मानसून सत्र पर बड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और विधायी कार्यों को लेकर भी कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. करीब 117 किलोमीटर लंबे नए विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई है, जिससे प्रयागराज क्षेत्र की कनेक्टिविटी सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से हो जाएगी. इसके साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी हरी झंडी मिली है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र की तारीखें भी तय कर दी गई हैं, जो 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा. इस सत्र में सरकार कई विधायी कार्य पूरे करेगी, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
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