उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में धमाका मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जिला पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी फैक्ट्री मालिक नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. नौशाद शहर छोड़कर भागने की फिराक में था, जिसके बारे में पता चलते ही पुलिस ने उसे घेरा तो वह फायरिंग करने लेगा. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली नौशाद के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया. घायल अवस्था में पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. आरोपी नौशाद अली से पुलिस ने तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं.
धमाके से कहां-कितना और कैसे नुकसान हुआ?
बीते दिन प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डपर पर पिपरी थाना के तहत आने वाले मनौरी में बनी पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था. हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हुई थी. वहीं एक रेलवे कर्मचारी का पूरा परिवार खत्म हो गया है. धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री जमींदोज हो गई. उसके 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान ढह गए. दीवारों में 8 फीट लंबे छेद हो गए. 500 मीटर दूर प्रयागराज-कानपुर रेल मार्ग पर OHE (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन बाधित हुई. इस वजह से कानपुर से प्रयागराज जाने वाली ट्रेनें रोकनी पड़ीं. आसमान में धुएं का गुबार फैलने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई.
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हादसे के 11 मृतकों में 8 छोटे बच्चे भी शामिल
जिलाधिकारी डॉक्टर अमित पाल ने हादसे में 5 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, जिन्हें प्रयागराज के SRN अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जान्हवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) के रूप में की गई है. हादसा सुबह के करीब साढ़े 11 बजे हुआ था. जहां फैक्ट्री थी, वहां से 2 किलोमीटर दूर मनौरी का एयरफोर्स स्टेशन है. हादसे के बाद पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF के 200 जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. 10 बुलडोजरों की मदद से मलबा हटाया.
रेल कर्मी के परिवार में सिर्फ बेटी जिंदा बची
हादसे में रेल कर्मचारी मंजीत कुमार के दोनों बच्चों प्रियांजलि और प्रवीन की मौत हुई है. रेल कर्मचारी गया प्रसाद के चारों बच्चों जाह्नवी, आदित्य, अमित और रवि की भी हादसे में जान गई. वहीं गया प्रसाद की पत्नी अनीता (42) बुरी तरह घायल हुई है. गया प्रसाद ने ही फैक्ट्री मालिक नौशाद अली के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. हादसे में एक और रेल कर्मी विक्रम की पत्नी अंजू, बेटों अंश और शिवांश की भी मौत हुई है, जबकि सबसे बड़ी बेटी संजना की जान बच गई, क्योंकि हादसे के वक्त वह घर में नहीं थी, बल्कि किराने की दुकान में कुछ सामान लेने गई थी. लेकिन मां-भाई को खोने से वह सदमे में है.
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लापरवाही बरतने पर पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मंत्री कृष्णा पासवान ने मीडिया को ब्रीफिंग में बताया कि 2 साल से फैक्ट्री अवैध तरीके से चल रही थी, क्योंकि फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द हो चुका था. मामले की जांच के आदेश दिए हैं और जो दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह, चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया है. 2 बीट सिपाही जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार सस्पेंड किए गए हैं. अधिकारियों की नाक नीचे बिना लाइसेंस के फैक्ट्री चल रही थी, जल्दी ही बड़ा एक्शन लेंगे.
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