Lucknow Kebab And Biryani Missing From ODOC: उत्तर प्रदेश सरकार की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन' (ODOC) योजना इन दिनों चर्चा में है, लेकिन इसकी वजह तारीफ नहीं बल्कि विवाद बन गया है. इस नई सूची में राज्य के कई मशहूर नॉन-वेज व्यंजन शामिल नहीं किए गए हैं, बल्कि सिर्फ वेज व्यंजनों को ही रखा गया है. सबसे ज्यादा हैरानी लोगों को इस बात पर हुई कि लखनऊ की पहचान माने जाने वाले गलावटी कबाब और अवधी बिरयानी तक को जगह नहीं मिली

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सिर्फ शाकाहारी व्यंजनों को मिली जगह

सरकार द्वारा जारी इस लिस्ट में ज्यादातर शाकाहारी और मिठाई वाले व्यंजन शामिल किए गए हैं. लखनऊ के लिए रेवड़ी, चाट, मलाई मखन और आम उत्पाद चुने गए, लेकिन मशहूर कबाब और बिरयानी को बाहर रखा गया. इतना ही नहीं, रामपुर के सीक कबाब और मटन कोरमा जैसे लोकप्रिय व्यंजन भी लिस्ट में नजर नहीं आए, जिससे फूड लवर्स में नाराजगी बढ़ गई, खासकर उन इलाकों में रहने वालों के बीच.

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सोशल मीडिया पर उठे सवाल

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई फूड एक्सपर्ट्स और संस्कृति से जुड़े लोगों का कहना है कि अवधी खाना सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की पहचान और इतिहास का हिस्सा है. लोगों का मानना है कि अगर राज्य की असली फूड संस्कृति दिखानी थी, तो कबाब और बिरयानी जैसे व्यंजनों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था.

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सरकार ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद सरकार की तरफ से सफाई भी दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह सूची स्थायी नहीं है और भविष्य में लोगों की राय और सुझाव के आधार पर इसमें बदलाव किए जा सकते हैं. सरकार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य स्थानीय खाने को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और रोजगार से जोड़ना है, ताकि हर जिले की खास पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाया जा सके.

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