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UP Highway: यूपी वालों को जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति! सिक्सलेन और फोरलेन में तब्दील होंगे ये व्यस्त हाईवे, देखें पूरी लिस्ट

UP Highway: यूपी में यातायात को रफ्तार देने के लिए योगी सरकार और एनएचएआई ने लखनऊ-सीतापुर समेत 3 हाईवे को सिक्सलेन और बाराबंकी-बहराइच मार्ग को फोरलेन बनाने का 20 करोड़ प्रति किमी का मेगा प्लान तैयार किया है.

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यूपी हाईवे मेगा प्रोजेक्ट क्या है?

मुख्य जानकारी:

  • यूपी के 3 सबसे व्यस्त हाईवे को फोरलेन से सिक्सलेन और 1 हाईवे को फोरलेन बनाया जाएगा.
  • इस बड़े हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में प्रति किलोमीटर लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
  • लखनऊ-सीतापुर, झांसी-उरई और उरई-बारा हाईवे को छह लेन में अपग्रेड किया जाएगा.
  • नेपाल बॉर्डर को जोड़ने वाले बाराबंकी-बहराइच 102 किमी लंबे मार्ग को फोरलेन किया जाएगा.
  • एनएचएआई इसी वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करेगा और जमीन की कमी होने पर अधिग्रहण होगा.

UP Highway Mega Project: उत्तर प्रदेश में यातायात को रफ्तार देने और जाम की समस्या को खत्म करने के लिए योगी सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक मेगा प्लान तैयार किया है. इस योजना के तहत प्रदेश के तीन अत्यधिक व्यस्त चार लेन वाले हाईवे को छह लेन (सिक्सलेन) में बदला जाएगा, जबकि एक अन्य दो लेन वाले हाईवे को चार लेन (फोरलेन) का बनाया जाएगा. इसमें लखनऊ-सीतापुर, झांसी-उरई और उरई-बारा हाईवे का सिक्सलेन में चौड़ीकरण शामिल है, वहीं बाराबंकी-बहराइच मार्ग को फोरलेन किया जाएगा. इस बड़े कदम से भारी वाहनों और आम जनता का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा.

परियोजना पर कितना खर्च आएगा और काम कब शुरू होगा?

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक इन चारों महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण के काम में प्रति किलोमीटर लगभग 20 करोड़ रुपये की बड़ी लागत आने का अनुमान है. इस महापरियोजना का निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में तेजी से शुरू कर दिया जाएगा. अच्छी बात यह है कि इन सड़कों को चौड़ा करने के लिए ज्यादातर जगहों पर जमीन पहले से ही उपलब्ध है, लेकिन जहां भी जमीन की थोड़ी बहुत कमी दिखेगी वहां नियमानुसार भूमि अधिग्रहण किया जाएगा.

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किन 3 व्यस्त हाईवे को सिक्सलेन बनाया जा रहा है?

प्राधिकरण ने जिन तीन मार्गों को फोरलेन से सिक्सलेन में अपग्रेड करने का फैसला लिया है, उनमें 65 किलोमीटर लंबा लखनऊ-सीतापुर हाईवे शामिल है. इसके साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र को जोड़ने वाले 135 किलोमीटर लंबे झांसी-उरई हाईवे और 70 किलोमीटर लंबे उरई-बारा हाईवे को भी छह लेन का किया जाएगा. इन सभी मार्गों पर वर्तमान में गाड़ियों का दबाव सड़क की वास्तविक क्षमता से काफी ज्यादा हो चुका है, जिसके कारण आए दिन जाम लगता है.

दो लेन से चार लेन बनने वाला हाईवे कौन सा है?

सिक्सलेन परियोजनाओं के अलावा एनएचएआई ने 102 किलोमीटर लंबे बाराबंकी-बहराइच हाईवे को दो लेन से चार लेन में बदलने का एक और बड़ा निर्णय लिया है. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 के नाम से जाना जाने वाला यह मार्ग बाराबंकी से शुरू होकर रामनगर, मुस्तफाबाद और कैसरगंज होते हुए सीधे बहराइच तक जाता है. यह पूरा मार्ग लखनऊ-रुपईडीहा कॉरिडोर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसके बनने से नेपाल सीमा तक जाना आसान होगा.

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इन हाईवे का राष्ट्रीय नेटवर्क से क्या कनेक्शन है?

इस योजना में शामिल सभी हाईवे देश के मुख्य परिवहन नेटवर्क का हिस्सा हैं. उदाहरण के लिए लखनऊ-सीतापुर हाईवे एनएच-30 का हिस्सा है जो उत्तराखंड से शुरू होकर छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु के मदुरै तक जाता है. वहीं झांसी-उरई और उरई-बारा हाईवे एनएच-27 का मुख्य खंड हैं, जो गुजरात के पोरबंदर से शुरू होकर सीधे असम के सिलचर तक जाता है और इसे देश का पूर्व-पश्चिम गलियारा भी कहा जाता है.

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इस चौड़ीकरण से आम जनता को क्या बड़े फायदे मिलेंगे?

इन चारों प्रमुख मार्गों की चौड़ाई बढ़ने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारी ट्रकों और बसों के कारण लगने वाले लंबे जाम से आम मुसाफिरों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी. सड़कों के चौड़े होने से वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे सफर में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. इसके अलावा सुचारू यातायात व्यवस्था होने से ईंधन की बर्बादी रुकेगी और हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आने की उम्मीद है.

उत्तर प्रदेश हाईवे चौड़ीकरण परियोजना का विवरण (Table):

हाईवे का नाम और रूटवर्तमान स्थितिनई प्रस्तावित स्थिति (Entities)कुल लंबाई (Kilometers)मुख्य विशेषता व महत्व
झांसी-उरई हाईवे (एनएच-27)चार लेन (फोरलेन)छह लेन (सिक्सलेन)135 किमीपोरबंदर से सिलचर पूर्व-पश्चिम गलियारा
बाराबंकी-बहराइच (एनएच-927)दो लेन (टूलेन)चार लेन (फोरलेन)102 किमीलखनऊ-रुपईडीहा कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा
उरई-बारा हाईवे (एनएच-27)चार लेन (फोरलेन)छह लेन (सिक्सलेन)70 किमीजालौन से कानपुर देहात के बीच संपर्क
लखनऊ-सीतापुर हाईवे (एनएच-30)चार लेन (फोरलेन)छह लेन (सिक्सलेन)65 किमीउत्तराखंड से तमिलनाडु को जोड़ने वाला रूट

निष्कर्ष:

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उत्तर प्रदेश में तीन हाईवे को सिक्सलेन और एक को फोरलेन करने का यह फैसला राज्य के विकास को एक नई गति देगा. 20 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत से बनने वाले ये आधुनिक मार्ग न केवल जाम की समस्या को जड़ से खत्म करेंगे, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे. इस वित्तीय वर्ष में शुरू होने वाला यह काम आने वाले समय में यूपी के सफर को बेहद सुरक्षित और शानदार बना देगा.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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