उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि कयामत तक बाबरी नहीं बनने देंगे. उन्होंने यूपी के बाराबंकी में एक कार्यक्रम में कहा कि ऐसे ही हम अपनी विरासत को सम्मान देते रहेंगे, जैसे पीएम मोदी ने 25 नवंबर को अयोध्या धाम में आकर सनातन के प्रति श्रीराम मंदिर में भव्य केसरिया ध्वज फहराया था. ये केसरिया ध्वज, हमेशा ही भारत के इस गौरव को, सनातन के गौरव को आगे बढ़ाने का काम इसी मजबूती से करेगा.

साथ ही उन्होंने कहा कि ये डबल इंजन की सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में जो बोलती है वो करके दिखाती है. सरकार जितना करती है, उतना ही बोलती है. हम लोगों ने कहा था कि रामलल्ला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. अयोध्या में मंदिर बना गया है. हम इस बात को फिर कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक बाबरी ढांचे का पुनर्निमाण नहीं होगा. कभी वो दिन आने वाला नहीं है.

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सीएम योगी ने कहा, कुछ मौकापरस्त लोग मुश्किल में भगवान राम को याद करते हैं और बाद में उन्हें भूल जाते हैं. तो, भगवान राम भी उन्हें भूल गए हैं. वे अब कामयाब नहीं होंगे. वे अब कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे. इन 'रामद्रोहियों' के लिए अब कोई जगह नहीं है; 'राम भक्तों' पर गोलियां चलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है.

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उन्होंने कहा, जो लोग बाबरी ढांचे का सपना देख रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहूंगा कि वह दिन कभी नहीं आएगा. कयामत के दिन के लिए मत जियो. भारत के नियमों से जीना सीखो. देश के कानून का पालन करो. नहीं तो, अगर कोई नियम तोड़ेगा, तो रास्ता उसे सीधे नर्क ले जाएगा. अगर कोई कानून तोड़कर स्वर्ग जाने का सपना देख रहा है, तो उसका सपना कभी पूरा नहीं होगा.

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बता दें, बाबरी मस्जिद के नाम अभी एक और विवाद हो रहा है, पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद की रिप्लिका बनाने जा रहे हैं. हुमायूं कबीर ने दावा किया था कि वह बाबरी मस्जिद की रिप्लिका बनाएंगे, इसके बाद उन्हें टीएमसी से निकाल दिया गया था. फिर उन्होंने अपनी नई पार्टी का ऐलान किया और कहा कि वह मस्जिद को जरूर बनाएंगे, साथ ही दावा किया कि वह विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 फरवरी से मस्जिद का काम शुरू होने जा रहा है, जिसको लेकर दूर-दूर से मौलाना और मौलवी पहुंच रहे हैं.