Baba Gorakhnath Statement On Milkipur By Election : उत्तर प्रदेश में उपचुनाव का बिगुल बज गया है। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी। चुनाव आयोग ने यूपी की 9 सीटों पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान किया, जबकि अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव रुक गया। इसके बाद पूर्व विधायक और भाजपा नेता बाबा गोरखनाथ ने हाई कोर्ट में दाखिल याचिका वापस का फैसला किया, लेकिन हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। इसे लेकर बाबा गोरखनाथ ने समाजवादी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी के तेजतर्रार नेताओं में शुमार बाबा गोरखनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमने 16 अक्टूबर को हाई कोर्ट में याचिका वापस लेने का आवेदन किया था, सुनवाई हुई और अगले दिन की तारीख लग गई। जब होर्ट कोर्ट में दूसरे दिन 17 अक्टूबर को दोपहर 1.30 बजे सुनवाई हुई तो दूसरी टेबल पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद के लगभग एक दर्जन वकील मौजूद थे। उनके वकीलों ने दलील पेश की कि याचिका ऐसे कैसे वापस हो जाएगी।
सपा ने HC में लटकाया मामला : बाबा गोरखनाथ
उन्होंने आगे कहा कि जब सांसद अवधेश प्रसाद ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया तो याचिका शून्य हो गई। जब हम याचिका वापस ले रहे हैं तो इसमें लड़ाई किस बात की है। समाजवादी पार्टी की वकीलों ने बहस में मामला लटका दिया। फिर अदालत ने सुनवाई के लिए 15 दिन के बाद भी तारीख दे दी। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक छाती पीट रहे थे, किसने जंग टाली। हार के डर से भाजपा ने चुनाव टाला, ये कहने वाले याचिका वापस लेने से रोक रहे हैं।
अखिलेश ने सुबह बयान दिया और शाम को कांड कर दिया : BJP नेता
बाबा गोरखनाथ ने समाजवादी पार्टी से सवाल पूछा कि हमारी याचिका वापस होती या ना होती, लेकिन समाजवादी पार्टी ने एक दर्जन वकीलों को क्यों खड़ा किया। इसका क्या मतलब था? लोगों ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और अपना पक्ष भी रखा कि चुनाव न टाला जाए। इससे पहले सपा सुप्रीमो और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर 2 दिन में रिट वापस हो जाती है तो उपचुनाव हो जाएगा। सुबह उनका बयान आता है और शाम को कांड हो जाता है।