Ayodhya Milkipur By Election Date Not Announced : महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान हो गया। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर उपचुनाव होने थे, लेकिन ECI ने सिर्फ 9 सीटों के लिए शेड्यूल जारी किए। गोरखनाथ बाबा की यायिका ने मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव रोक दिया। आइए जानते हैं कि कौन हैं गोरखनाथ बाबा?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तेजतर्रार नेताओं में शुमार गोरखनाथ बाबा मिल्कीपुर के विधायक रह चुके हैं। गोरखपुर में जन्मे गोरखनाथ बाबा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर से जीत हासिल की थी, लेकिन 2022 के चुनाव में वे हार गए। सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने 13 हजार वोटों के अंदर से मात दी। अवधेश प्रसाद के सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई। बीजेपी की ओर से गोरखनाथ बाबा इस सीट के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
फिर सुर्खियों में मिल्कीपुर
चुनाव आयोग ने यूपी की मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया। इसके बाद ये सीट सुर्खियों में आ गई। हर कोई जानना है कि मिल्कीपुर सीट पर अभी उपचुनाव क्यों नहीं होगा? इसके पीछे की वजह हाई कोर्ट में दायर याचिका बताई जा रही है। गोरखनाथ बाबा ने 2022 में मिल्कीपुर सीट से जीते अवधेश प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जोकि अभी भी हाई कोर्ट में लंबित है।
क्यों रुका मिल्कीपुर चुनाव?
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि अवधेश प्रसाद ने मिल्कीपुर से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन नॉमिनेशन के समय दिए गए हलफनामा नोटरी की तारीख एक्सपायरी थी। ऐसे में उनका नामांकन रद्द हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने एमएलसी अनूप गुप्ता के मुकदमे का हवाला देते हुए हाई कोर्ट में केस किया। इस बीच खबर आ रही है कि गोरखनाथ बाबा हाई कोर्ट में दाखिल याचिका वापस लेंगे।