उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित उदय प्रताप कॉलेज में शुक्रवार रात एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई. 23 वर्षीय सूर्य प्रताप सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे कैंपस को हिंसा की आग में झोंक दिया. पीड़ित छात्र के पिता ने सख्त शब्दों में कहा, 'आरोपी का एनकाउंटर होने तक बेटे का अंतिम संस्कार नहीं होगा.' पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है, लेकिन वह फरार है. घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सोशल साइंस फैकल्टी भवन के गलियारे में घटी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीए चौथे सेमेस्टर का छात्र सूर्य प्रताप सिंह पर फरार साथी छात्र मंजीत चौहान ने करीब से चार गोलियां चला दीं. गवाहों ने बताया कि हमलावर ने सूर्य के सिर और सीने पर निशाना साधा और गोली चला दी. इसके बाद वो पहली मंजिल की ओर भागा, दीवार फांदकर भाग निकला और पिस्तौल को पास के कचरे के ढेर में फेंक दिया. मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंची, हथियार को बरामद कर लिया गया है.

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सूर्य को पहले मलदहिया के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सूर्य घाजीपुर जिले का निवासी था और पढ़ाई के लिए वाराणसी में रहता था. सूर्य अपने माता-पिता ऋषिदेव सिंह और किरण सिंह का इकलौता बेटा था. माता-पिता दोनों अतुलानंद स्कूल में कर्मचारी हैं और उनकी दो बेटियां भी हैं.

कैंपस में मच गया हंगामा


हत्याकांड के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. गुस्सैल छात्रों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी. कई वाहनों को नुकसान पहुंचा. कम से कम तीन शिक्षकों पर हमला हुआ, एक को सिर में चोट लगी. घायल टीचर को पुलिस सुरक्षा में अस्पताल ले जाया गया. तनाव बढ़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया. अफसरों ने फंसे शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ को कैंपस से सुरक्षित बाहर निकाला. वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया, 'यह दो छात्रों के बीच निजी विवाद का नतीजा है. प्रारंभिक जांच में छात्रों के बीच पुरानी दुश्मनी का पता चला है.'