Swami Prasad Maurya Slapped: उत्तर प्रदेश के दिग्गत नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला हुआ है। उन्हें एक शख्स ने माला पहनाते हुए थप्पड़ मारा है। शख्स ने पहले स्वामी प्रसाद मौर्य को माला पहनाई और सिर पर थप्पड़ मारकर भाग गया, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों ने उसे दबोच लिया और उसे जमकर पीटा। स्वामी प्रसाद मौर्य फतेहपुर जाते समय रायबरेली में रुके थे, जहां मिलएरिया थाना क्षेत्र के तहत आने वाले सारस चौराहे पर उनके साथ यह घटना हुई।

2 साल पहले भी हुआ था हमला

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य पर 2 साल पहले भी हमला हुआ था। वे लखनऊ में पिछड़ा वर्ग के महासम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे। कार्यक्रम इंदिरा गांधी भवन में था, जहां पहुंचते ही जब वे अपनी कार से उतरे तो एक युवक ने उन पर जूता फेंककर मारा। हमलावर वकील की ड्रेस पहनकर उन तक पहुंच गया था, लेकिन तब भी स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों ने हमलावर को दबोच लिया था, फिर उसे इतना पीटा था कि वह अधमरा होकर गिर गया था। पुलिस ने बीच-बचाव करके हमलावर को स्वामी प्रसाद मौर्यके समर्थकों से बचाया था।

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कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता है। 2 ज नवरी 1954 को उत्तर प्रदेश के ही प्रतापगढ़ में जन्मे स्वामी प्रसाद मौर्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सदस्य हैं और कोइरी (कुशवाहा) समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से MA और LLB की हुई है। उन्होंने वर्ष 1980 में राजनीति जॉइन की थी। वे युवा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने थे।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) जॉइन करके राजनीति में औपरचारिक एंट्री की थी। वे मायावती के करीबी रहे और 3 बार बसपा के विधायक रहे। साल 1996, 2002 और 2012 में पडरौना विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। मायावती की सरकार में वे मंत्री भी रहे, लेकिन साल 2016 में उन्होंने मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाकर BSP छोड़ दी थी।

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BJP, SP छोड़कर अपनी पार्टी बनाई

बसपा छोड़ने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन की थी। साल 2017 में वे योगी आदित्यनाथ की सरकार में श्रम, रोजगार और समन्वय मंत्री बने, लेकिन साल 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने BJP छोड़ दी और समाजवादी पार्टी (SP) जॉइन कर ली। साल 2022 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से चुनाव उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे BJP के सुरेंद्र कुशवाहा से चुनाव हार गए।

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इसके बाद समाजवादी पार्टी पर भेदभाव करने का आरोप लगाकर उन्होंने साल 2024 में पार्टी और MLC पद छोड़ दिया। समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) बनाई और लोकसभा चुनाव में कुशीनगर से बतौर उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे। साल 2025 में उन्होंने 9 छोटे दलों को साथ मिलाकर लोक मोर्चा गठबंधन बनाया और खुद को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किया।

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बेटी संघमित्रा BJP की सांसद

स्वामी प्रसाद मौर्य की पत्नी का नाम शिवा मौर्य है और उनके 2 बच्चे हैं। उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य BJP की सांसद हैं और बदायूं से लोकसभा सांसद हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ 9 आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों को विवादित बताकर हिंदू धर्म पर टिप्पणी की थी, जिसके कारण उनकी आलोचना हुई थी। साल 2025 में उन्होंने कांवड़ियों को सत्ता संरक्षित गुंडे कहकर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने हिंदू धर्म को भी धोखा करार दिया था, जिसके लिए सफाई भी देनी पड़ गई थी।