बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद विवाद गहराता जा रहा है। रात भर बंधक बनाए जाने के आरोप के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार को सस्पेंड कर दिया गया। अब अलंकार अग्निहोत्री बरेली कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए हैं।
धरने पर बैठे निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलकांर अग्निहोत्री ने कहा कि मैंने कल ही अपना इस्तीफा दे दिया था और डीएम कार्यालय में कल ही रची गई साजिश नाकाम हो गई। डीएम महोदय को फोन आया कि इस 'पंडित' को यहीं बैठाए रखा जाए और पूरी रात उसे यहां से जाने न दिया जाए।
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बता दें कि यूजीसी नियमों और अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मारपीट के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मामला जोर पकड़ गया। धरने पर बैठे अलंकार ने कहा कि मैंने बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे को फोन किया और उनसे कहा कि मीडिया को सूचित करें कि मुझे बंधक बनाने का आदेश जारी किया गया है। जब उन्हें पता चला कि मीडिया को मुझे बंधक बनाने की साजिश की जानकारी है, तो मुझे जाने दिया गया।
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कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश थी जिसके तहत मैं बयान जारी करता और मुझे किसी अन्य आरोप में निलंबित कर दिया जाता। हम इस निलंबन आदेश के संबंध में अदालत का रुख करेंगे। एक विशेष जांच समिति गठित की जानी चाहिए और फोन पर हुई पूरी बातचीत की जांच होनी चाहिए। हम जल्द ही आगे की कार्रवाई तय करेंगे। उधर, प्रशासन ने कमिश्नर की अध्यक्षता में विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
राष्ट्रपति शासन की मांग
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि मैं जिला मजिस्ट्रेट से पूछना चाहता हूं कि कल रात उन्हें किसने फोन किया था और कौन मुझे पंडित कहकर गाली दे रहा है और वह किस विचारधारा से संबंध रखता है? संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए, आम जनता सरकार के खिलाफ हो गई है।
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