नोएडा के निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में सुसाइड कर लिया. कई वर्षों तक चली जांच के बाद सुरेंद्र कोली बाद में बरी हो गया था. साल 2025 में सुरेंद्र कोली सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ था. मामले में बरी होने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार में रह रहा था. हरिद्वार में रहकर पिछले कुछ दिनों से वह चाय चाय बेचने का काम कर रहा था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोली का शव उसकी चाय की दुकान के अंदर एक रस्सी से लटका मिला. वह अल्मोड़ा का रहने वाला था. उसका शव मिलने के बाद उसके परिवार को जानकारी दे दी गई है. साथ ही पुलिस ने इस मामल में जांच शुरू कर दी.
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पुलिस को जानकारी मिली थी कि सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान में एक युवक ने फांसी लगा ली. जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. जांच पड़ताल करने के बाद उसकी पहचान सुरिंदर कोली के रूप में हुई.
शुरुआती जांच से पता चला है कि वह कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और किराए पर चाय की दुकान चला रहा था. पुलिस ने बताया कि दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
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क्या है निठारी कांड?
निठारी हत्याकांड दिसंबर 2006 में सामने आया था. नोएडा के निठारी इलाके में बिजनेसमैन मोहिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे एक नाले में बच्चों के कंकाल मिले थे. पंढेर और उसके घर पर घरेलू काम करने वाले सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में बताया गया था कि कम से कम 19 बच्चों की हत्या की गई थी.
सीबीआई ने कोली के खिलाफ मर्डर, किडनैप, रेप और सबूत मिटाने जैसे आरोपों में कई केस दर्ज किए थे. पंढेर पर अनैतिक तस्करी से जुड़े एक केस में आरोप लगाए गए थे. 2009 और 2017 के बीच कोली को बच्चों के रेप और हत्या से जुड़े 12 केसों में दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी. जिनसे बाद में बरी कर दिया गया था.
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