Swami Prasad Maurya objectionable Comment On Hindu Religion SP no react : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर विवादों में हैं। ताजा मामले में उन्होंने हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक बयान देकर सनसनी फैला दी है। इसको लेकर हिंदू धर्म मानने वालों की प्रतिक्रिया आना तय है। हिंदू धर्म को लेकर यह आपत्तिजनक टिप्पणी स्वामी प्रसाद मौर्य ने अर्जक संघ के संस्थापक, महामना रामस्वरूप वर्मा जी की जयंती शताब्दी समारोह, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिति प्रबुद्धजनों को संबोधित करने के दौरान दिया।
‘हिंदू कोई धर्म ही नहीं है’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के अनुसार, हिंदू नाम का कोई धर्म ही नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म सिर्फ धोखा है। उन्होंने अपने ताजा बयान में यह भी कहा कि ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहना एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता। सारी विषमता का कारण ब्राह्मणवाद है।
‘दलितों आदिवासियों को फंसाने का जाल है धर्म’
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हिंदू धर्म दलितों और आदिवासियों को मकड़जाल में फंसाने की कोशिश है। वह यहीं पर नहीं रुके, बल्कि यहां तक कह दिया कि ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं। हिंदू धर्म होता तो इस समाज में पिछड़ों का भी सम्मान होता, लेकिन क्या विडंबना है कि आदिवासी समाज से आने वाले राष्ट्रपति को भी मंदिर में जाने से रोक दिया जाता है।
यह आपत्तिजनक टिप्पणी स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो ट्वीट के जरिये की है। कुल चार मिनट के इस वीडियो में स्वामी प्रसाद मौर्य दरअसल, हिंदू धर्म के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं।
सपा ने कहा राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति होने के बाद भी रोक दिया जाता है क्योंकि वो आदिवासी समाज से आती हैं। अगर आदिवासी समाज हिंदू होता तो क्या उनके साथ ऐसा बर्ताव हो सकता था। ब्राह्मणी देवता के चतुर चालाक लोग आज भी हमको आदिवासी मानते हैं। इस तरह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ भी हो चुका है। जिसे आप हिंदू धर्म कहकर उसके दीवाने और पागल होकर अपना सबकुछ लुटा देते हो, हिंदू-मुस्लिम के नाम पर दंगा करा देते हो, खून बहा देते हो, यह तुम्हारी नदानी है।’
गोमूत्र से धोया गया था सीएम आवास
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद से हटे, तब इन्हीं सत्ता दल के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास को गोमूत्र से धोया। जब इससे मन नहीं भरा तो गंगाजल से धोया गया। क्या अगर ब्राह्मणी देवता का कोई मुख्यमंत्री होता तो किसी की हिम्मत पड़ती उसे गोमूत्र और गंगा जल से धुल देता। उसे इसलिए धुला गया क्योंकि अखिलेश यादव पिछड़े समाज में पैदा हुए हैं। आदिवासी-दलित और पिछड़े यह कौन है जिसे पहले शू्द्र कहकर जानवरों से बदतर जिंदगी जीने पर मजबूर किया करते थे। सावधान रहना जिसे धर्म मानते हो वो इनका धंधा है। जो इनके लिए धंधा है वो आपके लिए धोखा है।’
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