राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बनाई गई नई SIT ताबड़तोड़ तरीके से काम करेगी, जिसका गठन खुद सुप्रीम कोर्ट ने किया है. पहली SIT ने अपना दायरा चोरी तक ही सीमित रखा. लेकिन अब जो स्पेशल टीम बनाई गई है वो क्रिमिनल एंगल से भी इस मामले की जांच करेगी. नई SIT को नेतृत्व आईजी किरण एस कर रहे हैं, जिसमें तीन IPS ऑफिसर भी मौजूद हैं.
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दूसरी SIT में क्या है खास?
नई SIT को लीड कर रहे आईजी किरण एस पहली SIT में भी शामिल थे, इसीलिए उन्हें इस केस के बारे में काफी जानकारी है.अयोध्या में दर्ज FIR पर यूपी पुलिस पहले ही काम कर रही है. कहा जा रहा है कि नई SIT चढ़ावा चोरी केस में इस बार कोई कसर नहीं छोड़ेगी और इस गुत्थी को सुलझाने के लिए स्थानीय पुलिस की भी मदद लेगी. SIT बारीकी से इस मामले की जांच करेगी और ये भी पता लगाएगी कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों के लाइफ स्टाइल में घटना के बाद किस तरह के बदलाव आए.
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हर एंगल से होगी जांच
आरोपियों की संपत्ति लाखों-करोड़ों में नहीं हो सकती. इसीलिए अयोध्या पुलिस ने पहले ही आरोपियों से उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा मांगा है. ऐसा करने से पुलिस को ये मदद मिलेगी कि क्या चढ़ावे के पैसों से उन्हें खरीदा तो नहीं गया. नई SIT इस केस में ये भी पता लगाएगी कि कहीं चोरी के पैसों से बेनामी संपत्ति बनाई गई है या नहीं. अयोध्या पुलिस पहले ही इस बारे में काफी जानकारी जुटा चुकी है, लेकिन फिर भी स्पेशल टीम इसे दोबारा खंगालेगी. पुलिस ने आरोपियों के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों और करीबियों से भी पूछताछ की है. बैंक खातों की डिटेल भी निकाली जा चुकी है. SIT एक बार फिर इन पहलुओं की जांच करेगी ताकि किसी तरह की कसर ना छूट जाए.
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