हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: cycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

मुस्कान-साहिल का रिश्ता हुआ कबूल? जेल में मिलने आ रहा परिवार, दोनों को फांसी से बचाने के लिए किया एक वकील

मुस्कान रस्तोगी को क्या साहिल शुक्ला के परिवार ने बहू मान लिया है? क्या मुस्कान की बेटी को साहिल का परिवार अपनाएगा? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि साहिल का परिवार दोनों से मिलने जेल आ रह है और हाईकोर्ट में दोनों की पैरवी भी एक ही वकील कर रहा है.

विज्ञापन
सौरभ राजपूत मर्डर केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है. Credit- Social Media

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सौरभ राजपूत मर्डर केस में सजायाफ्ता साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को लेकर अपडेट आया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी को साहिल शुक्ला के परिवार ने बहू मान लिया है. क्योंकि साहिल के परिवार वाले उनसे मिलने के लिए जेल आ रहे हैं. साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, नानी और उसके चाचा दोनों से मिलने जेल आ रहे हैं, जबकि 18 महीने से मुस्कान से मिलने उसके परिजन नहीं आए, लेकिन साहिल के परिजन लगातार आ रहे हैं और दोनों से मिलकर जाते हैं. इसलिए कहा जा रहा है कि मुस्कान और उसकी बेटी के साहिल के परिजनों ने स्वीकार कर लिया है.

हाईकोर्ट में पैरवी के लिए दोनों का वकील एक

मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मेरठ जिला कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. इस सजा के खिलाफ दोनों ने गत 23 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन खास बात यह है कि दोनों का वकील एक ही है. साहिल के परिवार की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसके लिए वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है. याचिका में साहिल और मुस्तान दोनों का नाम लिखा है. मुस्कान ने पहले जेल प्रशासन से वकील उपलब्ध कराने की मांग की थी, इसलिए उसे सरकारी वकील देने की तैयारी चल रही थी. लेकिन अब उसने सरकारी वकील लेने से इनकार किया है.

मुस्कान से उसके परिजनों ने बना रखी है दूरी

डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सरकारी वकील लेने से इनकार करने की वजह पूछने पर मुस्कान ने बताया कि साहिल के वकील ही हाईकोर्ट में उसका केस भी लड़ेंगे. साहिल के परिवार ने वकील को हायर किया है. यह जानने के बाद सवाल उठा है कि क्या मुस्कान को साहिल के परिवार ने स्वीकार कर लिया है. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बार जब साहिल के परिजन आएंगे तो उनसे सवाल पूछ जाएगा. मुस्कान के परिवार ने उससे अभी तक दूरी बनाई हुई है और न उनका फोन आता है, न वे मिलने आते हैं. इसलिए सेशन कोर्ट के लिए मुस्कान के सरकारी वकील रेखा जैन उपलब्ध कराई गई थीं.

विज्ञापन

मुस्कान की बेटी के भविष्य पर उठ रहे सवाल

बता दें कि फांसी की सजा होने के बाद मुस्कान रस्तोगी की बेटी के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मुस्कान की बड़ी बेटी को ननिहाल में है, लेकिन छोटी बेटी को न मुस्कान और न ही सौरभ के परिजन अपनाने को तैयार हैं. वह अभी मुस्कान के साथ जेल में ही है और 6 साल की होने तक कानून के अनुसार जेल में ही रहेगी, लेकिन उसके बाद क्या होगा? यह मुस्कान का ही फैसला होगा कि वह बेटी को किसे सौंपना चाहती है. क्या साहिल के परिजन मुस्कान की बेटी को अपनाएंगे? अगर वे अपनाना चाहते हैं तो उन्हें आवेदन पत्र देना होगा, जिसके जवाब में मुस्कान बताएगी कि वह उन्हें अपनी बेटी सौंपना चाहती है या नहीं?

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola