अयोध्या के भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटियों से चढ़ावा चोरी और हेराफेरी के आरोपों पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। रविवार को नागपुर में आयोजित 'सन्मार्ग माइंड वेलनेस' के उद्घाटन समारोह के दौरान पत्रकारों ने जब उनसे इस गंभीर विवाद पर सवाल पूछा, तो उन्होंने साफ तौर पर संघ के आधिकारिक और कड़े रुख को दोहराया।
मोहन भागवत ने इस संवेदनशील मामले पर सीधे तौर पर ज्यादा कुछ बोलने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले द्वारा एक दिन पहले जारी किए गए बयान का पूरा समर्थन किया। भागवत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "कल (RSS महासचिव) दत्तात्रेय होसबोले ने एक बयान जारी किया था; आप उसे देख सकते हैं।" संघ प्रमुख के इस इशारे से साफ है कि पूरा संघ इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है।
दत्तात्रेय होसबोले ने घटना को कहा था "बेहद निंदनीय"
इससे पहले, आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शुक्रवार को एक विस्तृत बयान जारी कर इस घटना को "बेहद निंदनीय" करार दिया था। होसबोले ने कहा था कि राम मंदिर में रखी दान पेटियों से कथित चोरी की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने देश-दुनिया के करोड़ों राम भक्तों की आस्था, श्रद्धा और भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीढ़ियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद यह मंदिर बना है, इसलिए इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
दोषियों को मिले सख्त सजा और सुधरे व्यवस्था
संघ की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई का भी जिक्र किया गया। होसबोले ने मांग की है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त कानूनी सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपील की है कि वे इसे कोई साधारण मामला न समझें। संघ ने ट्रस्ट से वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कामकाज की सभी कमियों को तुरंत दूर करने और पुख्ता इंतजाम करने का आग्रह किया है ताकि राम भक्तों का भरोसा हमेशा मजबूत बना रहे।