Ram Mandir theft case: अयोध्या के राम मंदिर चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच, आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी ने अपने घर के निर्माण और प्रशासन की तरफ से मिलने वाले किसी भी तरह के नोटिस को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अपने बयान में लवकुश की पत्नी ने साफ तौर पर कहा, "शहादतगंज के पास हमारा घर बन रहा है। इस मकान या निर्माण को लेकर प्रशासन की तरफ से हमें कोई भी नोटिस नहीं मिला है।" उनके इस बयान के बाद इलाके में चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर अब नया मोड़ आ गया है।
गौरतलब है कि राम मंदिर परिसर में हुई चोरी की घटना के बाद से ही पुलिस और प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। आरोपी लवकुश मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद से ही उसके करीबियों और संपत्तियों पर भी नजर रखी जा रही है। इसी बीच शहादतगंज के पास बन रहे उनके मकान को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आ रही थीं, जिस पर अब उनकी पत्नी ने खुलकर अपनी बात रखी है और नोटिस मिलने की बात से साफ इनकार किया है।
ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों से कड़ी पूछताछ
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की. इस दौरान चढ़ावे के प्रबंधन और बैंक खातों से जुड़े कई तीखे सवाल पूछे गए, जिनके संतोषजनक जवाब अधिकारियों को नहीं मिले.
उत्तर प्रदेश शासन ने एसआईटी को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। अब टीम 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी. शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि मामले में स्टेट बैंक के कुछ कर्मचारियों की लापरवाही या संलिप्तता हो सकती है, जिसे देखते हुए बैंक कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है.
वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए
एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच सालों के ऑडिट का पूरा लेखा-जोखा और वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं. टीम अब इन खातों का पुन: ऑडिट करेगी ताकि पता लगाया जा सके कि वित्तीय गड़बड़ियों का यह खेल कब से चल रहा था और घोटाला कितना बड़ा है. साथ ही, विवेचक और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी की टीम ने राम मंदिर परिसर का दौरा कर दान पात्रों की स्थिति देखी, राशि निकालने से लेकर बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया को समझा और परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए.
परिसर के सुरक्षा प्रोटोकॉल में भी भारी बदलाव
चढ़ावा चोरी का यह बड़ा मामला उजागर होने के बाद राम जन्मभूमि परिसर के सुरक्षा प्रोटोकॉल में भी भारी बदलाव किए गए हैं. अब सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है. पहले जहां ट्रस्ट से जुड़े लोगों और कर्मियों को चेकिंग से छूट मिलती थी, वहीं अब ट्रस्ट के हर छोटे-बड़े कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों की भी प्रवेश और निकास के समय सघन तलाशी ली जा रही है. मंदिर में प्रवेश के लिए सभी कर्मचारियों को अब फेस रीडिंग और बायोमीट्रिक प्रणाली से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है.