उत्तर प्रदेश की प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया, जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया. सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी ने 15 दिनों के भीतर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, साथ ही इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इस बीच बड़ी खबर सामने आ रही है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उनके इस्तीफे पर फैसला लिया जाना अभी बाकी है, जो कि ट्रस्ट की अगली बैठक में किया जाएगा.

आगामी 11 जुलाई की बैठक में होगा अंतिम फैसला


ट्रस्ट द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर परिसर से सामने आ रही अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से पूरा न्यास स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी है. समस्त रामभक्तों और रामसेवकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. न्यास ने स्पष्ट किया है कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्र का त्यागपत्र मिल चुका है, जिस पर ट्रस्ट आगामी 11 जुलाई को होने वाली अपनी बैठक में विचार कर अंतिम निर्णय लेगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में नए महासचिव की नियुक्ति और डॉ. अनिल मिश्रा के उत्तराधिकारी को चुनने पर भी चर्चा हो सकती है.

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चांदी की ईंटें और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित


चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही तरह-तरह की अफवाहों पर विराम लगाते हुए ट्रस्ट ने देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है. ट्रस्ट ने कहा कि जिन भक्तों ने प्रभु श्री राम की सेवा में चांदी की ईंटें, सोने के आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी थीं, वे सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसके साथ ही इन सभी बहुमूल्य संपत्तियों का एक-एक पैसे का पूरा और पारदर्शी हिसाब उपलब्ध है.

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