पतंजलि गुरुकुलम् का वार्षिकोत्सव सम्पन्न, स्वामी रामदेव बोलें-'गुरुकुल शिक्षा से ही विश्व नेतृत्व संभव'
Author: Namrata Mohanty
Oct 13, 2025 02:35 PM IST
Haridwar News: भारतीय शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत संचालित हरिद्वार में स्थित पतंजलि गुरुकुलम् का वार्षिकोत्सव पतंजलि विश्वविद्यालय स्थित बृहद् सभागार में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ. इस कार्यक्रम पर पतंजलि योगपीठ के परामाध्यक्ष स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे. इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और वैदिक आदर्शों की अद्भुत झलक देखने को मिली.
‘गुरुकुल शिक्षा से बनता है चरित्रवान नेतृत्व’ स्वामी रामदेव
इस आयोजन में स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत के प्राचीन गुरुकुलों में सिर्फ ज्ञान नहीं बल्कि नैतिकता, चरित्र, वाणी की मधुरता और आचरण की शुद्धता भी सिखाई जाती है. पतंजलि गुरुकुलम् उसी ऋषि परंपरा का पालन करते हुए बच्चों को संस्कारयुक्त विश्व नेतृत्व के लिए तैयार करता है.
बाबा रामदेव ने कहा कि यहां देश के लगभग सभी राज्यों से बच्चे तीन वर्ष से लेकर बारहवीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त करने आते हैं. यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के आध्यात्मिक और नैतिक उत्थान का भी केंद्र बन चुका है.
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भारतीय संस्कृति की जीवंत प्रयोगशाला है पतंजलि गुरुकुलम्
जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज बोले कि पतंजलि गुरुकुलम् भारत की कालजयी संस्कृति और वैदिक परंपरा की अद्भुत प्रयोगशाला है. यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी मानवता और आध्यात्मिक चेतना के उत्तम उदाहरण बन रहे हैं.
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि गुरुकुलम् से भारतीय संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है. यहां के बच्चे केवल पढ़ाई नहीं कर रहे बल्कि संस्कार और जीवन के मूल्य सीख रहे हैं. उनके अभिभावक इस परिवर्तन को देखकर गौरवान्वित महसूस करते हैं.
‘भारत को भारत की दृष्टि से देखना जरूरी’- स्वामी चिदानंद मुनि
स्वामी चिदानंद मुनि ने पतंजलि के कार्यक्रम में कहा कि आज का समय भारत को अपनी दृष्टि से समझने का है और पतंजलि गुरुकुलम् इस कार्य को बखूबी कर रहा है. उन्होंने कहा कि असली भारतीय इतिहास सनातन संस्कृति के मूल में निहित है, जिसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है.
विद्यार्थियों की प्रतिभा ने दिल जीता
कार्यक्रम में पतंजलि गुरुकुल ज्वालापुर, देवप्रयाग और हरिद्वार शाखाओं के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य, नाट्य और वैदिक प्रस्तुतियां दीं. शिक्षा, खेल और शास्त्र प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया गया.
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि कौन थें?
इस कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों में साध्वी भगवती जी, भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एन.पी. सिंह, माता गुलाब देवी, डॉ. यशदेव शास्त्री, साध्वी आचार्या देवप्रिया, डॉ. ऋतंभरा शास्त्री, बहन अंशुल शर्मा, बहन पारुल शर्मा, साध्वी देवमयी, साध्वी देवसुधा, साध्वी देवाराधना, साध्वी देवशृति, साध्वी देवाश्रिता, साध्वी देवानंदा, साध्वी देवशक्ति, स्वामी ईशदेव और स्वामी विरक्तदेव सहित कई आध्यात्मिक विभूतियां उपस्थित थीं.
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