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ये इश्क नहीं आसां, बस इतना समझ लीजिए, ये आग का दरिया है... इससे पाकिस्तानी 'सीमा' कैसे पार पाएगी?

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Seema Haidar: पाकिस्तान की सीमा गुलाम हैदर और ग्रेटर नोएडा के सचिन मीणा की प्रेम कहानी आज सोशल मीडिया से लेकर हर शख्स की जुबान पर है। ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा में रहने वाले ग्राणीणों ने तो इतना तक ऐलान कर दिया है कि सीमा अब गांव की बहू है। सीमा ने भी भारत में ही रहने की बात कही है, लेकिन सीमा के सामने विदेशी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं व कानून की लंबी लड़ाई है।

नेपाल के रास्ते भारत आई थी सीमा हैदर

ग्रेटर नोएडा में अपने प्रेमी सचिन मीणा के साथ रहने के लिए नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने वाली पाकिस्तान के करांची की महिला सीमा हैदर भारतीय कानून के तहत एक अवैध प्रवासी हैं। उन्हें 4 जुलाई को सचिन और उनके पिता के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन पर विदेशी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोपी बनाया गया था।

सचिन के साथ गांव वालों का भी दिल जीता

वर्तमान में सीमा, सचिन और सचिन के पिता जमानत पर रिहा हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीमा सीमा अपने प्रेमी सचिन के साथ-साथ गांव वालों का भी दिल जीत चुकी है। सीमा ने कई मीडिया रिपोर्ट में कहा है कि वह अब पाकिस्तान नहीं जाएगी। यहीं भारत में रहेगी। लेकिन जानकारों का मानना है कि सीमा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई उसके भविष्य में कठिनाइयों का दौर शुरू कर सकती है।

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सीमा हैदर अवैध प्रवासी

भारतीय कानून के तहत, सीमा हैदर एक ‘अवैध प्रवासी’ हैं। अवैध प्रवासी वो विदेशी होता है जो बिना पासपोर्ट और वीजा के किसी भी देश में प्रवेश करता है। साथ ही कहा जाता है कि अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता हासिल करने में काफी दिक्कत आती है। कह सकते हैं कि काफी मुश्किल होता है।

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विदेशी अधिनियम के तहत केस

सीमा पर विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 के तहत आरोप लगाया गया था। इसमें कहा गया है कि कोई भी शख्स उस अवधि से ज्यादा अवधि के लिए भारत में रहता है, जिसके लिए उसका वीजा जारी किया गया था या जो कोई भी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे कारावास भेज दिया जाता है। सजा के तौर पर पांच की कैद और जुर्माना भी लगता है।

आईपीसी की ये धारा भी लगी

भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत भी आरोप हैं। इसमें कहा गया है कि जो कोई भी अपराध करने की साजिश में भागीदार या हिस्सेदार होता है, उसे दो साल या उससे ज्यादा समय के लिए कठोर कारावास की सजा दी जाती है। माना जाता है कि उसने अपराध को बढ़ावा दिया है। किसी अन्य अपराध के लिए उन्हें छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

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जमानत के लिए करना पड़ा ये

बता दें कि सीमा हैदर को 7 जुलाई को जमानत पर रिहा किया गया था। जमानत की शर्तों के अनुसार, वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकती हैं। यदि वह किसी भी समय अपना पता बदलती है तो उसे अदालत को भी सूचित करना होगा। इसके अलावा उन्हें 30,000 रुपये के दो स्थानीय जमानतदार और दो निजी बांड जमा करने के लिए कहा गया है।

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